अंतरिक्ष पर रूस अमेरिका में अब तनातनी, रूस ने अमेरिका को अंतरिक्ष में बल प्रयोग न करने को चेताया।

वॉशिंगटन की मिसाइल रक्षा प्रणाली के प्रभाव को 2022 के अंत तक सुनिश्चित करने के लिए अंतरिक्ष आधारित सेंसर आर्किटेक्चर का विकास किया जाएगा।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : वैसे तो अमेरिका और रूस परंपरागत प्रतिद्वंद्वी माने जाते रहे हैं लेकिन पिछले दिनों से ट्रंप और पुतिन की दोस्ती की भी तस्वीरें सामने आ रहीं हैं। इसके बावजूद कुछेक दिनों के अंतराल पर दोनों देशों में से कोई एक ऐसा कुछ जरूर कर देता है जिससे तनाव की शुरुआत हो जाती है। इस बार मामला स्पेस यानी अंतरिक्ष को लेकर भिड़ता नजर आ रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अमेरिका से आग्रह किया कि वह अंतरिक्ष में मिसाइल रक्षा प्रणाली चुस्त करने से बाज आए।
रूस का कहना है कि इससे वैश्विक रणनीतिक स्थिरता में बाधा उत्पन्न हो सकती है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मंत्रालय ने कहा, ‘अमेरिका द्वारा अंतरिक्ष में ऐंटी बलिस्टिक मिसाइल (एबीएम) स्पेस ग्रुपिंग के निर्माण की तैयारी अंतरिक्ष में अमेरिका के प्रभुत्व को सुनिश्चित करने के लिए एक और कदम है।’ आपको बता दें कि अमेरिकी कांग्रेस की वेबसाइट पर प्रकाशित विधेयक के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2019 के लिए राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम पारित कर दिया। इसके अंतर्गत वॉशिंगटन की मिसाइल रक्षा प्रणाली के प्रभाव को 2022 के अंत तक सुनिश्चित करने के लिए अंतरिक्ष आधारित सेंसर आर्किटेक्चर का विकास किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हमने सावधानी से संभावित परिणामों का विश्लेषण किया। हमने अमेरिकी पक्ष को गलती न दोहराने और समझदारी दिखाने का आग्रह किया है।’ रूस ने एक तरह से चेताते हुए कहा है कि स्पेस में हथियारों को लेकर टकराव पिछली सदी में वॉशिंगटन द्वारा शुरू किए गए नाभिकीय हथियारों की रेस जितना खतरनाक हो सकता है। रूस ने कहा कि वह अंतरिक्ष में हथियार के दौड़े के खिलाफ है और स्पेस के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का समर्थक है। आपको बता दें कि पिछले दिनों ऐसी भी खबरें आईं थीं कि अमेरिका स्पेस फोर्स तैयार कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पेंटागन को अलग से ‘स्पेस फोर्स’ तैयार करने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति ने स्पेस को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला बताया है। उन्होंने साफ कहा कि वह नहीं चाहते कि चीन, रूस या दूसरा कोई देश हमें लीड करे। नई यूएस स्पेस फोर्स अमेरिकी सेना की छठी शाखा होगी जो स्पेस में देश का दबदबा बढ़ाएगी। अब रूस की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद इस बात की आशंका बढ़ गई है कि स्पेस को लेकर दोनों ताकतवर मुल्क टकराव की स्थिति की ओर बढ़ सकते हैं।

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