(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : बता दें कि पार्टी के भीतर मचे उथलपुथल के बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) द्वारा आज रात्रि 9 बजे तक फैसला लिया जा सकता हैं । मैं और राहुल इसका हिस्सा नहीं हो सकते। मेरा नाम बैठक के लिए गलती से शामिल हो गया था। दरअसल, इस्तीफा देते समय राहुल गांधी ने स्पष्ट किया था कि गांधी परिवार का कोई व्यक्ति अध्यक्ष नहीं बनेगा और वह इसके चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक की शुरुआत में पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, वरिष्ठ अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य नेता शामिल हुए। इस दौरान बैठक में पांच कमेटियों का गठन किया गया है। ये कमेटियां पूरे देश में जाकर कार्यकर्ताओं की राय लेंगी। जिसके बाद से कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इसमें से एक कमेटी में सोनिया गांधी का नाम भी शामिल है। हालांकि कमेटी में नाम शामिल होने पर सोनिया गांधी ने कहा कि वो गलती से छप गया था। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि वह दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड जा रहे हैं। सोनिया और राहुल गांधी के बाहर निकल जाने के बाद फिर से कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शुरू हो चुकी है जिसमें प्रियंका गांधी मौजूद हैं। सोनिया गांधी, तरुण गोगोई, कुमारी शैलजा, केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, आरपीएन सिंह, पीएल पुनिया, शक्ति सिंह गोहिल, दीपेंद्र हुड्डा और सुस्मिता देव राहुल का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ, रात आठ बजे फिर होगी सीडब्ल्यूसी की बैठक। कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी की कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की अगली बैठक अब शनिवार रात आठ बजे होगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सभी सदस्यों ने राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने और नेतृत्व करने का एक सहमति से आग्रह किया। उन्होंने यह अनुरोध भी किया कि आज जब मौजूदा सरकार संवैधानिक प्रावधानों, नागरिकों के अधिकारों और संस्थाओं पर आक्रमण कर रही है तो ऐसे समय मजबूत विपक्ष के लिए और कांग्रेस को नेतृत्व देने के लिए राहुल गांधी उपयुक्त व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि गांधी ने अपना इस्तीफा वापस लेने से इनकार किया और कहा कि सीडब्ल्यूसी के सदस्यों और दूसरे नेताओं से नए अध्यक्ष को लेकर व्यापक विचार विमर्श किया जाए। सुरजेवाला ने कहा कि सीडब्ल्यूसी पांच अलग-अलग समूहों में परामर्श कर रही है। रात आठ बजे सीडब्ल्यूसी की फिर बैठक होगी जिसमें इन समूहों की बातचीत में निकले निष्कर्ष के आधार पर निर्णण लिया जाएगा। सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अभी गांधी का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और सीडब्ल्यूसी के विचाराधीन है। इतना तय है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा, क्योंकि राहुल साफ कर चुके हैं कि उनके परिवार से इस पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं है। सोनिया गांधी को 1998 में अध्यक्ष बनाया गया था और वे दिसंबर 2017 तक पद पर रहीं। गांधी परिवार में राहुल सबसे कम 20 महीनों तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे। ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, जितिन प्रसाद जैसे युवा नेताओं ने नए अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी की पसंद का समर्थन करने का फैसला किया है। जबकि गुलाम नबी आजाद, पी. चिदंबरम, अहमद पटेल जैसे नेता ये चाहते है की अध्यक्ष पद की कमान किसी अनुभवी के हाथ दी जाए ।