(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सबूत की माँग की है। वहीं जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि मस्जिद का निर्माण किसी खाली या खेतीहर जमीन पर नहीं किया गया था, बल्कि ईसा पूर्व दूसरी सदी में बने मंदिर के ढांचे पर इसे बनाया गया था। तस्वीरें इस बात का प्रमाण हैं कि मस्जिद के भीतर पूजा होती थी। भले ही रामलला विराजमान के वकील मस्जिद के खंभों पर देवता की तस्वीर और मूर्तिकला के होने के आधार पर वहां मंदिर होने का दावा कर रहे हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यह साबित करने को कहा कि आखिर इसके क्या सबूत हैं कि राम मंदिर के अवशेष पर मस्जिद का निर्माण किया गया? जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सदियों से हम देखते आ रहे हैं नदी किनारे सभ्यता बसती है और उजड़ती है। पुराने अवशेषों पर नए ढांचे खड़े किए जाते हैं। राजेंद्र सिंह ने भगवान राम के वंशज होने का दावा किया अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष ‘राजा’ राजेंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर यह दावा किया है कि वह भगवान राम के वंशज हैं। वहीं राजेंदर सिंह ने खुद को अवध के राजा रामचंद्र का वंशज बतलाया है ।