आखिरकार टूट गया संसद गतिरोध

 गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर दिए गए बयान के बाद से संसद में गतिरोध जारी था जिसे बुधवार को बीजेपी ने खत्‍म कर दिया है. बीजेपी के रणनीतिकारों के मुताबिक, कांग्रेस पीएम मोदी की माफी की मांग पर अड़ी थी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी. फिर कांग्रेस ने कहा कि पीएम मोदी सदन में आए और सरकार इसके लिए भी तैयार नहीं हुई.पूरा हफ़्ता इसी कश्मकश में निकल गया.


इस बीच एक मोड तब आया जब संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने अपने से पहल की. वो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह से मिलने चले गए. बीजेपी सूत्रों के अनुसार, गोयल ने मनमोहन सिंह को कहा कि पीएम मोदी ने उनके बारे में गुजरात में चुनाव प्रचार में वो बातें नहीं कहीं जो मीडिया में कही जा रही हैं. इस पर पूर्व पीएम ने कहा कि गतिरोध का हल होना चाहिए।. इसके बाद विजय गोयल ने एक बयान तैयार किया जिस पर सदन के नेता अरुण जेटली ने मुहर लगाई.

गोयल इसे लेकर विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा से मिले, लेकिन इन्हें यह पसंद नहीं आया. इसी तरह आजाद और शर्मा के बयान को जेटली और गोयल ने नामंजूर कर दिया. शनिवार को गतिरोध तोड़ने की पहल फिर हुई. इस बार जेटली और गोयल आजाद के घर गए. वहां आनंद शर्मा के साथ बयान की भाषा पर चर्चा हुई. वहीं पर दो बयान तैयार हुए. एक जेटली को देना था और दूसरा आजाद को.  हालांकि बुधवार सुबह इसमें फिर पेंच फंस गया. एक शब्द को लेकर गतिरोध फिर उभर आया.

इसके बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने दोनों नेताओं से तुरंत इसका हल निकालने को कहा. चारों नेताओं की फिर से चर्चा हुई जिसके बाद दो बजे जेटली और आजाद ने पहले से तैयार बयान राज्यसभा में पढ़ें. जिसके बाद गतिरोध दूर हो गया.




राज्‍यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को दिए बयान में कहा कि पीएम मोदी की ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि जिससे पूर्व पीएम मनमोहन या फिर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की देशभक्ति पर कोई सवाल खड़ा होता हो.जेटली ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने भाषणों में ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे पीए मोदी और पूर्व वीपी हामिद अंसारी की राष्ट्र के प्रति निष्ठा पर सवाल खड़ा होता हो. उन्होंने कहा कि हम इन नेताओं की काफी इज्जत करते हैं.

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