(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : स्मार्टफोन और टैबलेट ने जहां हमारे काम को आसान बना दिया है, वहीं कई तरह की परेशानियां भी खड़ी कर दी हैं। खासकर हमारी सेहत को लेकर। इनके जरिये हम ऑफिस के बाद भी जब चाहें ईमेल चेक कर सकते हैं। इससे हम जरूरी ईमेल का जवाब तो तुरंत दे सकते हैं, लेकिन लगातार ईमेल चेक करने की आदत न केवल हमें, बल्कि हमारे परिवार पर भी बुरा असर डालती है। यह बात एक अध्ययन में सामने आई है। इसमें बताया गया है कि जो लोग ऑफिस के समय के बाद भी ईमेल चेक करते हैं वे चिंता से ग्रस्त होने लगते हैं। इसका असर उनके परिवार पर भी पड़ता है।अमेरिका स्थित वर्जीनिया टेक के शोधकर्ताओं द्वारा किए अध्ययन के मुताबिक, ऑफिस के घंटों के बाद यदि आप वास्तव में काम में व्यस्त नहीं होते हैं, तब भी ईमेल चेक करने की आदत आप पर बुरा असर डालती है। वर्जीनिया टेक में एसोसिएट प्रोफेसर विलियम बेकर कहते हैं, ऑफिसों में ऐसा कल्चर बनता जा रहा है, जिसमें बॉस मानते हैं कि उनका कर्मचारी हमेशा ड्यूटी पर है। इसके परिणामस्वरूप कर्मचारी भी बॉस की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए ऑफिस के बाद भी ईमेल चेक करते हैं। यहां तक कि सोने से पहले उनका आखिरी काम और उठने से पहले उनका पहला काम ईमेल चेक करना बन जाता है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि यह कर्मचारी को चिंता में घेर लेती है और इसका असर उसके निजी जीवन पर पड़ने लगता है।इससे पहले के कई अध्ययन बताते हैं कि जॉब के कारण व्यक्ति पर पड़ने वाले तनाव का असर उसके परिवार पर भी पड़ता है। जब व्यक्ति घर पर अपनी भूमिका नहीं निभा पाता है तो पारिवारिक रिश्तों में विवाद पैदा होने लगते हैं। यह भी कहा गया है कि जब व्यक्ति काम को घर पर लाने लगता है तो सब खत्म हो जाता है।बेकर कहते हैं, ऑफिसों के कल्चर ने कर्मचारी को हमेशा ऑन की स्थिति में ला दिया है। हमने अध्ययन के दौरान देखा कि कैसे सीमा के बाहर काम करने की आजादी कैसे बिना सीमा के काम में बदल जाती है और कर्मचारी अपनी और अपने परिवार की सेहत को नजरअंदाज कर काम करता रहता है। बेकर कहते हैं, आज काम के घंटों के इतर भी कर्मचारी से काम करने की उम्मीद उस पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इससे वो चिड़चिड़ा होने लगता है और चिंता से ग्रस्त हो जाता है। परिवार को समय नहीं दे पाता। ऐसे में कई बार नशे की लत लग जाती है।