इस कमाल के नए हथियार का इस्तेमाल कर रहीं सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के खिलाफ

एक पखवाड़े पहले शायद आपने भी फुटबालर से आतंकी बने माजिद खान की मां का रोता कलपता और बेटे को वापस आने की अपील करता हुआ वीडियो देखा होगा। उसके बाद ही महज नौ दिनों तक आतंकियों के साथ रहने के बाद माजिद घर लौट आया था। कुछ अंदाजा है कि वाट्सएप और फेसबुक पर वायरल हुए इस वीडियो के पीछे बड़ा हाथ किसका था.. हमारी सुरक्षा और खुफिया एजेंसी। दरअसल आतंकियों के खिलाफ सोशल मीडिया अब भारतीय एजेंसी का नया और प्रभावी हथियार हो गया है।

दरअसल, आतंकी बुरहान वानी ने सोशल मीडिया को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। वाट्सएप और फेसबुक जैसे प्लेटफार्म पर हथियार लिए तस्वीरों के सहारे वह आतंकियों को हीरो के रूप में पेश करता था। इससे प्रभावित होकर कश्मीर के युवा बड़ी संख्या में आतंकी बनने लगे थे। यही नहीं, आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने से सुरक्षा बलों को रोकने के लिए भी सोशल मीडिया का सहारा लिया जाने लगा था। पाकिस्तान से हैंडल वाट्सएप ग्रुप में लोगों को मुठभेड़ की जगह पहुंचकर पत्थरबाजी करने के लिए उकसाया जाता और काफी हद तक वे इसमें कामयाब भी होने लगे थे।

सोशल मीडिया पर आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम सबसे पहले बारामूला पुलिस ने शुरू किया। आज हालत यह है कि बारामूला पुलिस का एक सामान्य सा भी ट्वीट या वाट्सएप भी 60 हजार से एक लाख लोगों तक पहुंच जाता है। जम्मू-कश्मीर पुलिस का आफिसियल 13 ट्विटर एकाउंट और 189 फेसबुक एकाउंट है।

खुद पुलिस महानिदेशक एसपी वैद आतंकी गतिविधियों के बारे में लगातार ट्वीट करते हैं। इसके साथ ही सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी ट्वीट करने की हिदायत दी गई है। माजिद की मां के वीडियो पर 90 फीसदी ट्वीट, रिट्वीट और फेसबुक शेयर जम्मू-कश्मीर पुलिस के आफिसियल एकाउंट से हुआ था।

यही नहीं, घाटी में आतंकियों की बड़ी संख्या में सफाए और अलगाववादियों के अलग-थलग पड़ने के बाद आम लोग भी सोशल मीडिया पर आतंक के खिलाफ खुलकर बोलने लगे हैं। आतंकियों के हाथों कश्मीरी पुलिसकर्मी और सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। आतंकियों के खिलाफ अभियान के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियां आम लोगों की समस्या को दूर करने में भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। ट्विटर और फेसबुक पर आम जनता की शिकायत का तत्काल संज्ञान लिया जाता है और उसे दूर करने की कोशिश की जाती है।

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