(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : चुनावी जंग इतना तीखा होने लगा है कि भारत के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एंटी सैटेलाइट तकनीक हासिल करने को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। जो माहौल बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद था, कुछ छोटे स्तर पर वही दृश्य दिखने लगा।विपक्ष और खासकर कांग्रेस की ओर से अपनी पीठ थपथपाने से लेकर सरकार पर तंज के वाण चले तो सरकार की ओर से भी याद दिलाने मे देर नहीं हुई कि कांग्रेस ने वैज्ञानिकों के हाथ बांध दिए थे। वहीं विपक्ष को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा गया कि उनके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा अहम राजनीति है।बुधवार दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से डीआरडीओ की इस उपलब्धि की जानकारी देने के तत्काल बाद ट्वीट वार शुरू हुआ। कांग्रेस महासचिव अहमद पटेल ने इसका श्रेय मनमोहन सिंह सरकार को दिया। पलटवार में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सबूत सहित याद दिला दिया कि मनमोहन सरकार ने वैज्ञानिकों को छूट ही नहीं दी थी, वरना भारत यह क्षमता कुछ साल पहले हासिल कर लेता।यह फैसला नरेंद्र मोदी सरकार का था। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा अध्यक्ष मायावती, माकपा के सीताराम येचुरी समेत कईयों ने इसे चुनाव से भी जोड़ा और आचार संहिता का भी दुहाई दी। ममता ने परीक्षण के समय पर भी सवाल खड़ा किया तो राहुल ने तो परोक्ष रूप से प्रधानमंत्री के संबोधन को ड्रामा करार दिया।जेटली ने विपक्षी नेताओं को कठघरे मे खड़ा किया। जेटली ने कहा कि क्या वैज्ञानिकों को हाथ बांध दिए जाएं या फिर देश को सशक्त करने के लिए उन्हें छूट मिलनी चाहिए। उन्हें इसलिए काम से नहीं रोका जा सकता है क्योंकि यह ममता का पसंद नहीं है।
राहुल के तंज पर उन्होंने कहा- ‘ये लोग जितना नीचे गिरेंगे हम उतना ही मजबूत होते चले जाएंगे।’ जेटली ने इस परीक्षण की जरूरत गिनाते हुए कहा कि कल का युद्ध आज जैसा नहीं होगा। देश को इस सबकी तैयारी करनी है और जिस भौगोलिक राजनीतिक भूभाग में हम हैं उसमें हमारी तैयारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।बालाकोट और पुलवामा में भूल करने के बाद इतिहास ने विपक्ष को एक और मौका दिया था कि जब वैज्ञानिकों ने देश की ताकत बढ़ाई है तो वह साथ खड़े होते। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश असहज हैं कि भारत ने यह क्षमता हासिल कर ली और विपक्ष के लोगों को भी परेशानी है।प्रधानमंत्री के संबोधन पर सवाल उठा रहे दलों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक डेटरेंट इसके बारे में सभी संबद्ध ताकतों को जानकारी होनी चाहिए और अगर इसे बताना है तो प्रधानमंत्री से ज्यादा अच्छा कोई नहीं हो सकता था।