(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और सीनियर ऐडवोकेट राजीव धवन के बीच कुछ दिलचस्प बातें हुई। बातचीत के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि जब वह सीट से खड़े हो जाते हैं तो फिर वकीलों से बात नहीं करते। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हम खड़े होकर वकील से बात नहीं करते बल्कि हम बैठते हैं, फिर बातें करते हैं और यही हमारी प्रैक्टिस है। दरअसल लंच से ठीक पहले बेंच उठने को था, इस दौरान सीनियर वकील राजीव धवन एक मामले में मेंशनिंग करने वाले थे लेकिन तब तक चीफ जस्टिस खड़े हो चुके थे। जब राजीव धवन ने मामला उठाना चाहा तो चीफ जस्टिस वहां से चैंबर की ओर चले गए। लंच के बाद जब चीफ जस्टिस दोबारा आए तो उन्होंने कहा कि हां मिस्टर धवन आप कुछ कहना चाहते थे? तब सीनियर एडवोकेट धवन ने जवाब दिया- ‘नहीं माई लॉड कुछ भी नहीं। मैं मामले में मेंशनिंग करना चाह रहा था लेकिन आप चले गए थे, ऐसे में अब कुछ नहीं कहना।’ इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम पहले ही उठ चुके थे और तब आपने मामला मेंशन किया था। उठने के बाद बात करना ठीक नहीं था। धवन ने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि क्या उचित था, क्या नहीं। लेकिन कई दूसरे चीफ जस्टिस की अलग प्रैक्टिस रही है। इस पर चीफ जस्टिस गोगोई ने कहा कि हम खड़े होकर बात नहीं करते। बैठने के बाद ही हम बात करते हैं। यही हमारी प्रैक्टिस है। धवन ने कहा कि तब हमें इस बात को लेकर आगाह किया जाना चाहिए था। इसके बाद सलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जा से संबंधित मामले में कहा कि अटॉर्नी जनरल की तबीयत ठीक नहीं है, ऐसे में मामले की सुनवाई टाली जाए। राजीव धवन ने कहा कि सुनवाई अगले हफ्ते में न की जाए क्योंकि वह व्यस्त हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति के बाद सुनवाई टाल दी।