एससी-एसटी ऐक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले फैसले पर स्टे देने से किया इनकार

एससी-एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के संदर्भ में केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। एजी ने कोर्ट से मांग की थी कि वह अपने फैसले पर स्टे लगा दे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग नहीं सुनी।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):  एससी-एसटी ऐक्ट से जुड़ी सरकार की पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने हरिज कर दिया है।  सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले  फैसले पर  सरकार को स्टे देने से मना कर दिया है। सभी पक्षों को इस मसले पर तीन दिन के भीतर जवाब देने का आदेश देते हुए 10 दिन बाद अगली सुनवाई की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की खुली अदालत में सुनवाई करते हुए कहा है कि एससी-एसटी ऐक्ट के प्रॉविजन से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने कहा है कि वह इस ऐक्ट के खिलाफ नहीं है, लेकिन निर्दोषों को सजा नहीं मिलनी चाहिए।

भले ही सौ दोषी छूट जाये पर एक भी निर्दोष को सज़ा ना हो … ऐसा लिखा है अपने संविधान मे!

आपको बता दें कि एससी-एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के संदर्भ में केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। एजी ने कोर्ट से मांग की थी कि वह अपने फैसले पर स्टे लगा दे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग नहीं सुनी। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ आयोजित भारत बंद में हुई हिंसा का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से स्टे की दरख्वास्त की थी।अटॉर्नी जनरल की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह ऐक्ट के खिलाफ नहीं है लेकिन निर्दोषों को सजा नहीं मिलनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए कहा है कि जो लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने हमारा जजमेंट पढ़ा भी नहीं है। हमें उन निर्दोष लोगों की चिंता है जो जेलों में बंद हैं।

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