करणी सेना द्वारा 1 दिसंबर को ‘भारत बंद’ का आह्वान: पद्मावती पर बैन की मांग

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ पर उठा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। देशभर में लोग इसका विरोध कर रहे हैं। हाल ही में फिल्म की हीरोइन दीपिका पादुकोण ने कहा कि चाहे जो हो जाए, यह फिल्म तो रिलीज होकर ही रहेगी।अब ‘पद्मावती’ विरोध में राजपूत करणी सेना ने 1 दिसंबर को फिल्म के रिलीज होने पर ‘भारत बंद’ रखने का आह्वान किया है।

रिलीज के दिन-1 दिसंबर को भारत बंद 

श्री राजपूत करणी सेना के लोकेन्द्र सिंह ने कहा, यदि 1 दिसंबर को पद्मावती रिलीज की जाएगी तो राजपूत संगठन भारत बंद का आयोजन करेंगे. रिलीज के दिन हम देशभर में रैलियां करेंगे. इस बीच बीजेपी विधायक और फिल्म युनियन की एक मजदूर युनियन के मुखिया राम कदम ने भी मनोरंजन जगत के पांच संगठनों से अलग राह ले ली है. उन्होंने कहा, फिल्म की पब्लिसिटी के लिए किसी को इतिहास से छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती. राम कदम ने कहा कि अगर भंसाली इतिहास से छेड़छाड़ के पक्ष में हैं तो हम उन्हें किसी भी फिल्म की शूट में मदद नहीं देंगे. उन्होंने कहा, उनका युनियन बुधवार दोपहर इस बारे में कोई फैसला लेगा.

राजपूत समुदाय के संगठन ‘राजपूत करणी सेना’ के संस्थापक और संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने जयपुर में मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा, “फिल्म की रिलीज की तारीख के पहले हम गुरुग्राम, पटना, लखनऊ, भोपाल सहित देश भर में रैली करेंगे.”

कालवी ने दावा किया कि सिनेमेटोग्राफी अधिनियम के मुताबिक, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी मिलने के बाद भी सरकार किसी फिल्म की रिलीज पर तीन महीने रोक लगा सकती है और इस रोक को आगे भी बढ़ाया जा सकता है. कालवी ने कहा, “हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है.” उन्होंने दीपिका पादुकोण के उस बयान ‘फिल्म की रिलीज को कुछ भी नहीं रोक सकता’ को भड़काऊ बताया.

करणी सेना के कार्यकताओं ने मंगलवार को राजस्थान के कोटा के एक थिएटर में ‘पद्मावती’ का ट्रेलर दिखाए जाने की खबरों पर वहां तोड़-फोड़ मचाई.

कालवी ने कहा कि भंसाली की टीम ने उन्हें कुछ महीने पहले लिखित रूप से आश्वासन दिया था कि राजपूत संगठनों को विश्वास में लेने के लिए रिलीज के पहले फिल्म की प्री-स्क्रीनिंग की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

करणी सेना के चीफ ने कहा, दीपिका पादुकोण एक नाचने वाली है. फिल्म में राजपूत रानी की गलत छवि पेश की गई है. अगर फिल्म रिलीज हुई तो हम सिनेमाघर जला देंगे. देशभर में करणी सेना समेत कई राजपूत संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बुधवार को कर्नाटक के बेंगलुरु में भी सेना कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर गुस्सा जाहिर किया.

बेंगलुरु में करणी सेना ने कहा, ‘हम यह फिल्म नहीं देखना चाहते. किसने कहा कि हमें ये फिल्म देखनी है. भंसाली ने 3 मिनट का ट्रेलर जारी किया है. क्या हिंदुस्तान उसके बाप का है. हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे. हम हमारी जान दे देंगे.’ उन्होंने कहा, जब तक फिल्म पूरी तरह से बैन नहीं हो जाती हम अपना विरोध जारी रखेंगे. यह हमारे राजपूत समाज की बेइज्जती है. इस फिल्म को दिखाने की कोई जरूरत नहीं है.’

 

अब तक किसने क्या कहा है…

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी:  दीपिका लेक्चर न दें

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने फिल्म की लीड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण पर निशाना साधते हुए कहा है, ‘अभिनेत्री दीपिका पादुकोण हमें पिछड़ेपन को लेकर लेक्चर दे रही हैं! यह देश तभी विकास कर सकता है, जब उनकी नजर में वह पीछे जा रहा हो.’ इस बीच दीपिका पादुकोण ने कहा है कि फिल्म को रिलीज होने से कुछ भी नहीं रोक सकता है.
प्रिंट जला दें : विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के नेता आचार्य धर्मेन्द्र ने फिल्म पद्मावती में इतिहास के साथ की गई कथित छेड़छाड़ के मामले पर तीव्र रोष व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म पद्मावती के सारे प्रिंट जला दिए जाने चाहिए और निर्माता/निर्देशक संजय लीला भंसाली पर मुकदमा चलाना चाहिए.
कांग्रेस नेता शशि थरूर: मूल समस्याओं पर ध्यान दें

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि फिल्म पर विवाद राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने का एक मौका है और शिक्षा ‘घूंघट’ या सिर पर पर्दे से ज्यादा महत्वपूर्ण है. थरूर ने ट्वीट कर कहा, ” ‘पद्मावती’ विवाद आज राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का एक मौका है, न कि छह शताब्दी पुरानी महारानियों पर ध्यान केंद्रित करने का. राजस्थान की महिला की साक्षरता दर सबसे कम है. शिक्षा ‘घूंघट’ से ज्यादा जरूरी है.”
पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती: माफी मांगें

पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि ऐतिहासिक तथ्यों से कथित तौर पर छेड़छाड़ करने पर ‘पद्मावती’ के निर्माता माफी मांगें. उन्होंने कहा कि फिल्म में रानी पद्मावती (पद्मिनी) के चरित्र से छेड़छाड़ की गई है. संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ शुरू से ही विवादों में रही है.

भंसाली विवादित सीन हटाएं, आगे फिल्म नहीं बना पाएंगे: BJP MLA

महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक और मुंबई फिल्म स्टूडियो सेटिंग और मजदूर यूनियन के चीफ राम कदम ने कहा, ”जो लोग फिल्म की पब्लिसिटी के लिए इतिहास से छेड़छाड़ करते हैं, ऐसे लोगों का समर्थन नहीं किया जा सकता। हम फिल्म ‘पद्मावती’ पर बैन लगाने की मांग करेंगे। अगर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली नहीं माने, तो यूनियन आगे उन्हें कोई भी फिल्म शूट नहीं करने देगा। यूनियन में 50 हजार लोग जुड़े हैं।” ”भंसाली की फिल्म विवादित है, इतिहास से छेड़छाड़ की गई है। वो जल्द ही विवादित सीन फिल्म से हटा दें। दीपिका पादुकोण अच्छी एक्ट्रेस हैं, उन्हें भंसाली को समझाना चाहिए। वो फिल्में करें, लेकिन इतिहासकार न बनाएं।”

फिल्म के विरोध में कई शहरों में प्रदर्शन

पद्मावती के कुछ सीन्स पर राजपूत समाज को एतराज है। वहीं, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश के भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच इसके विरोध में हैं। बिहार में भी सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जा चुका है। बुधवार को कर्नाटक में भी करणी सेना ने फिल्म के विरोध में बड़ी रैली निकाली।

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