कश्मीर : पाक को मोदी की पटखनी, सभी दलों की बैठक में कहा POK भी हमारा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान पर बड़ा वार किया है. पीएम ने कहा है कि पाक के कब्जे में जो कश्मीर है वो भी हमारा है. कल कश्मीर के मुद्दे पर दिल्ली में सभी दलों की बैठक में पीएम ने पीओके को लेकर अपना प्लान भी पेश किया है. उधर आज अलगाववादियों ने श्रीनगर में लाल चौक पर जनमत संग्रह मार्च का एलान कर रखा है. कश्मीर में आज 36वें दिन भी कर्फ्यू जारी है.

PM के साथ सभी नेताओं की सर्वदलीय बैठक हुई

शुक्रवार को कश्मीर के मौजूदा हाताल पर पीएम के साथ सभी नेताओं की सर्वदलीय बैठक हुई. सर्वदलीय बैठक में पीएम ने कश्मीर समस्या के लिए पूरी तरह पाक को ज़िम्मेदार ठहराया.  साथ ही बेहद सख्त तेवरों के साथ पाक के खिलाफ विश्व पटल पर आक्रामक रुख़ अपनाने के संकेत दिए.  पीएम ने कहा, आज जब हम जम्मू-कश्मीर की बात करते हैं, तो हमें जम्मू-कश्मीर राज्य के चार भागों जम्मू, कश्मीर-घाटी, लद्दाख, और पाक-अधिकृत कश्मीर की बात करनी चाहिए.

देश की एकता और अखंडता की सबसे बड़ी ताकत रही है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि ”मैं सभी राजनैतिक दलों के नेताओं का आभारी हूं कि उन्होंने जम्मू और कश्मीर के इलाकों में मौजूदा स्थिति के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की है. लोकतंत्र द्वारा पिछले छह दशकों से पोषित समृद्ध परंपरा हमारे देश की एकता और अखंडता की सबसे बड़ी ताकत रही है. कुछ मुद्दों पर हमारे बीच कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब देश की अखंडता और संप्रभुता की बात आती है तब हम एकजुट रहते हैं.”

मेरे हृदय को भी काफी गहरा दुख पहुंचा है : PM

पीएम के अनुसार, ”जम्मू व कश्मीर में हाल ही में हुई घटनाओं से हर भारतीय की तरह, मेरे हृदय को भी काफी गहरा दुख पहुंचा है. मुझे यह देखकर बहुत दुख होता है कि बच्चे अपनी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, सेब का उत्पादन मंडियों तक पहुँच नहीं पा रहा, दुकानदारों की दैनिक आमदनी नहीं हो रही है और सरकारी कार्यालय लोकहित के कार्य नहीं कर पा रहे हैं. इस स्थिति से सबसे अधिक गरीब प्रभावित है.

राजनीतिक कार्यकर्ता का अस्तित्व तो लोगों की वजह से

प्रधानमंत्री के अनुसार हम राजनीतिक कार्यकर्ता का अस्तित्व तो लोगों की वजह से ही है. ये हमारी ताकत हैं, हमारी ऊर्जा का स्रोत हैं. वास्तव में, जनशक्ति हमारे सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा हैं. चाहे कोई भी हताहत हो, आम जन हों या फिर सेना दुःख हम सब को होता है. उनके परिवारों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है. घायल हुए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं और साथ ही हम जल्द से जल्द घाटी में शांति स्थापित करना चाहते हैं ताकि यहां के लोग अपना सामान्य जीवन जी सकें.

हम खुले विचारों वाले हैं और हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं

पीएम मोदी ने कहा कि अपनी रोजी-रोटी कमा सकें, अपने बच्चों को पढ़ा सकें और रात में सुकून से सो सकें. हम कश्मीर के मुद्दे का संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के अनुरूप स्थायी और शांतिपूर्वक हल के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम खुले विचारों वाले हैं और हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं. हम पूरे जम्मू और कश्मीर राज्य के हर नागरिक के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं. समाधान ढूंढने के लिए, हम श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करते रहे हैं.

कश्मीर को अक्सर भारत का ताज कहा जाता है

उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर को अक्सर भारत का ताज कहा जाता है. असल में जम्मू और कश्मीर सर्व पंथ सम्भाव की सदियों पुरानी प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जहां पर हिन्दू, सिख, बौद्ध एवं मुसलमान सदियों से एक साथ रहते आये हैं. जम्मू-कश्मीर राज्य हमारे जनकों के उस विश्वास का प्रतीक है जो हमे हमारी विविधताएं होते हुए भी, हमे एक भारतीय के रूप में, उजागर करता है.

जम्मू और कश्मीर हमारी राष्ट्रीयता की परिभाषा भी है

देश की अखंडता पर पीएम ने कहा कि जम्मू और कश्मीर न केवल हमारी क्षेत्रीय अखंडता का मुद्दा है बल्कि यह हमारी राष्ट्रीयता की परिभाषा भी है. हम इन हक़ीक़तों से इनकार नहीं कर सकते कि सुरक्षा बलों ने हर प्रकार की चोटें सही हैं, उनके ऊपर सुनियोजित हमले हुए हैं, इसके बावजूद भी सुरक्षा बलों ने संयम दिखाया है. आंकड़े बताते हैं कि सुरक्षा बल बड़ी संख्या में चोटिल हुए हैं.

कश्मीरी अमन चैन चाहता है, लोकतंत्र में विश्‍वास रखता है

पाक के दावों को नकारते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कुछ तत्वों के दुष्प्रचार के बावजूद कश्‍मीर में भ्रम और अशांति फैलाने वालों, और बच्‍चों को उकसाने वालों का प्रतिशत बहुत कम है. हर कश्मीरी अमन चैन चाहता है और लोकतंत्र में विश्‍वास रखता है. इसलिए, लगातार चुनाव के बाद चुनाव में, कुछ अलगाववादी तत्‍वों द्वारा दी गई धमकियों के बावजूद, कश्‍मीर की जनता ने लोकतंत्र के इस हर पावन पर्व पर भारत के लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था में अपनी आस्‍था व्‍यक्‍त की.

क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबन्ध लगाए

पीएम ने साफ किया कि यहां तक कि वर्तमान अशांति से कुछ दिन पूर्व ही मुख्‍यमंत्री महबूबा जी के विधानसभा क्षेत्र में जमकर वोट डाले गए तो यह भ्रम फैलाना कि यह जन आंदोलन है यह भी सत्‍य से एकदम परे है. कुछ इलाकों में, क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ प्रतिबन्ध लगाए गए. यह कानून व्‍यवस्‍था को बनाए रखने का एक कानूनी कदम है. अन्यथा शान्तिप्रिय जनसमूह के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

अमरनाथ यात्रा का सफलतापूर्वक आयोजन होता रहा

अमरनाथ यात्रा को लेकर पीएम ने कहा कि वास्‍तव में आम नागरिकों को इतनी परेशानी इन प्रतिबंधों से नहीं हुई, जितनी की अलगाववादी तत्‍वों द्वारा लगातार दिए जा रहे हड़ताल के कैलेण्‍डर से हुई. इसी दौरान, अमरनाथ यात्रा का सफलतापूर्वक आयोजन होता रहा. साथ ही, लद्दाख में सोलर एनर्जी पर भी राज्य सरकार विशेष कार्य कर रही है NEET, CET, UPSC की सिविल सर्विसेज परीक्षा का संचालन सुचारू रूप से किया गया. यहाँ तक कि सभी ज़रुरत की वस्तुएं आम नागरिकों को उपलब्ध कराई गयी.

आने वाला समय पर्यटन के लिए सबसे अहम है

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला समय पर्यटन के लिए सबसे अहम है, साथ ही सेब की फसल भी आने वाली है जो कि कश्मीर के आम नागरिकों की जीविका के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. कुछ अलगाववादी तत्व इस समय का फायदा उठाकर कश्मीर के अमन और शांतिप्रिय नागरिकों को अनावश्यक बाधा पहुंचाने की चेष्ठा कर रहे हैं. कश्‍मीर में अशांति की जड़ सरहदपार आतंकवाद है, जिसको मुख्यतः पडोसी देश से प्रोत्साहन मिलता है.

आतंकवाद के कारण कश्मीर में आम जन जीवन प्रभावित

उन्होंने जानकारी दी कि आतंकवाद के कारण कश्मीर में आम जन जीवन प्रभावित है. कश्‍मीर में जब से आतंकवाद 1989-1990 से प्रारंभ हुआ, तब से अब तक सुरक्षा कर्मियों की कार्यवाही में 34 हजार से ऊपर AK 47 राईफल बरामद हुए, 5 हजार से ऊपर ग्रेनेड लॉन्‍चर , करीब 90 लाइट मशीन गन्‍स ,12 हजार से ऊपर पिस्‍तौल और रिवॉल्‍वर, 3 Anti Tank , और 4 एयरक्राफ्ट गन, 350 से अधिक मिसाइल लॉन्‍चर, आर डी एक्‍स समेत 63 हजार किलो Explosives, 1 लाख से अधिक ग्रेनेड आदि बरामद हुए हैं.

विदेशी आतंकवादी घाटी में मार-काट हेतु आएं हैं

उन्होंने साफ कहा कि इस अवधि में 5 हजार से अधिक विदेशी आतंकवादी, जो कि 5 बटालियन के बराबर हैं, मारे गए है. इतने हथियार बरामद हों, इतने विदेशी आतंकवादी घाटी में मार-काट हेतु आएं हों, फिर पाकिस्‍तान चाहे लाख झूठ बोले, तो भी दुनिया कभी उसके दुष्प्रचार को स्वीकार नहीं करेगी. पाकिस्तान भूल जाता है कि वह अपने देश के नागरिकों पर लड़ाकु विमान से बम बरसाता है.

सुरक्षा बलों ने इन घटनाओं से निपटने में संयम को दर्शाया

ललकारते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि  अब समय आ गया है कि पाकिस्तान को विश्व के सामने बलूचिस्तान में और पाक-अधिकृत कश्मीर में लोगों पर हो रहे अत्याचारों का जवाब देना होगा.हम लोगों के बुनियादी अधिकारों के लिए पूर्णतः कटिबद्ध हैं. आतंकवाद के विरुद्ध भी, हमारे क़ानून जितने मानवीय हैं, उतने विश्व के और किसी लोकतंत्र में नहीं हैं. हमारी सरकारों और हमारी सुरक्षा बलों ने इन घटनाओं से निपटने में संयम को दर्शाया है.

आतंकवाद का मुकाबला पूरी शक्ति और संकल्प से करेगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि  भारत, आतंकवाद का मुकाबला पूरी शक्ति और संकल्प से करेगा. यह हमारा राष्ट्रीय दायित्व है. भारत कानूनी नियमों के लिए प्रतिबद्ध है, इसे भारत की कमजोरी समझना विरोधी ताकतों की बड़ी भूल होगी. भारत आतंकवाद को समाप्त करने के लिए संकल्प-बद्ध हैं. हमारे लिए साधन और साध्य, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, और हम दोनों का निर्वाह करने में सक्षम हैं.

कश्‍मीरी पंडितों को घाटी में अपने पूर्वजों के घरों से विस्थापित किया

कश्मीरी पंडितों पर भी प्रधानंमंत्री ने टिप्पणी की. कहा कि एक वास्‍तविकता यह भी है कि कश्‍मीर घाटी में सदियों से रह रहे कश्‍मीरी पंडितों को कश्‍मीर घाटी में अपने पूर्वजों के घरों से विस्थापित किया गया है. एक समुदाय विशेष के विरुद्ध इस प्रकार की ज्यादती पाकिस्‍तान में प्रशिक्षित, पाकिस्‍तान द्वारा हथियारों से लैस किये गए आतंकवादियों एवं उनसे सहानुभूति रखने वालों का काम है. यह कदापि कश्मीरियत में विश्वास रखने वालों का काम नहीं है.

राज्य सरकार की राय से 80 हजार करोड़ से ऊपर का एक विकास पैकेज

उन्होंने जानकारी दी कि जम्मू एवं कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए पिछले दिनों ही राज्य सरकार की राय से 80 हजार करोड़ से ऊपर का एक विकास पैकेज पर फैसला लिया गया है. इस पैकेज के अंतर्गत केवल सड़क और बिजली के प्रोजेक्ट ही नहीं बल्कि जम्मू एवं कश्मीर के हर क्षेत्र व हर वर्ग के संपूर्ण विकास का ध्यान रखा गया है. बच्चों को अच्छी शिक्षा की सुविधा, युवाओं को रोजगार, चिकित्सा के लिए आधुनिक सुविधाएं, राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं, राज्य में फलों के उत्पादन के लिए विशेष सुविधा आदि शामिल हैं.

तुरंत रोजगार मुहैया कराने के लिए सरकार ने फैसला लिया

पीएम ने दावा किया कि तुरंत रोजगार मुहैया कराने के लिए सरकार ने फैसला लिया है कि 10 हजार स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स (SPOs), लगभग 1200 पैरा मिलिटरी व 5 IR बटालियन में लगभग 4000 पदों पर नियुक्ति की जायेगी. इसके अतिरिक्त उड़ान व हिमायत योजना में लगभग 1 लाख 25 हजार लोगों को प्रशिक्षण कराने का उद्देश्य है ताकि बेरोजगारों को उचित रोजगार मिल सके.

स्थिति को बहुत ही सावधानीपूर्वक संभाला है

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुश्री महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली राज्य की पीडीपी बीजेपी सरकार राज्य की समस्याओं को दूर करने का बेहतर प्रयास कर रही है. सरकार ने पिछले एक महीने में, विषम परिस्थितियों के बावजूद, स्थिति को बहुत ही सावधानीपूर्वक संभाला है. पूरा देश आज उनके साथ खड़ा है. मैं फिर से यह बात दोहराना चाहूंगा कि केंद्र और राज्य की सरकारें यहां के लोगों की सभी जाय़ज शिकायतों को दूर करने और शांति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

भारत विरोधी अन्य गतिविधियों से सख्ती से निपटा जाएगा

पीएम मोदी के अनुसार हिंसा, आतंकवाद और भारत विरोधी अन्य गतिविधियों से सख्ती से निपटा जाएगा वहीं हर किसी व्यक्ति की जाय़ज शिकायतों को सुना जाएगा और उन्हें दूर किया जाएगा. मैं इस बात पर पुनः बल देना चाहूंगा कि आतंकवाद और विध्वंस का जवाब हम सभी राजनीतिक दलों एवं देशवासियों को मिलकर देना होगा. आज जब आतंकवाद पूरे विश्व में बढ़ रहा है.

हम जब पड़ोसी देश से शह पाए हुए आतंकवाद से घिरे हुए हैं

उन्होंने कहा कि इस समय में हम जब पड़ोसी देश से शह पाए हुए आतंकवाद से घिरे हुए हैं, हमें इस लड़ाई के खिलाफ एक जुट होकर लड़ना होगा. सरकार की सभी राजनीतिक दलों से इस विषय पर रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा है. सभी राजनीतिक दलों को अपने मतभेदों को इस विषय पर भुलाकर राज्य में शांति-व्यवस्था और खुशहाली कायम करने में सहयोग करना होगा.

बैठक कल दोपहर 12 बजे संसद भवन में  हुई

पीएम ने कहा ‘मुझे पूर्ण विश्वास है कि राज्य सरकार की लगन से और आप सब के पूर्ण सहयोग से हम शीघ्र ही जम्मू एवं कश्मीर में पुनः सामान्य जीवन स्थापित कर पाएंगे.’  आपको बता दें कि सर्वदलिय बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत सभी राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे. बैठक कल दोपहर 12 बजे संसद भवन में  हुई. विदेशी आतंकवादी घाटी में मार-काट हेतु आएं हों.

Comments (0)
Add Comment