कुल्लू दशहरा मैदान में प्रारम्भ हुआ नौ दिवसीय कुल्लू पुस्तक मेला

कुल्लू: कुल्लू दशहरा मैदान में हुआ कुल्लू पुस्तक मेला का उद्घाटन मेले प्रारम्भ नौ दिवसीय आज कुल्लू दशहरा मैदान में प्रारम्भ हुआ नौ दिवसीय कुल्लू पुस्तक मेला। यह मेला 09 जून से 17 जून तक चलेगा। आज मेले का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्या अतिथि के रूप में हिमाचल केंद्रीय विश्यविद्यालय के कुलपति (डॉ ) कुलदीप चंद अग्निहोत्री , राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष ( प्रो ) बल्देव भाई शर्मा , लेखक एवं निदेशक राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिशद के (डॉ) रवि प्रकाश टेकचंदानी तथा जिला प्रशसन की तरफ से जिला पर्यटन विकास अधिकारी बी सी नेगी उपस्तिथ थे.

मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।


न्यास से इस पुस्तक मेले के आयोजन हेतु अधिकारीयों – कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी था जिसमें उप निदेशक (प्रदर्शनी) मो. इमरानुल हक़ , सहायक निदेशक (प्रदर्शनी) श्री मयंक सुरोलिया.सहायक सम्पादक श्री द्विजेंद्र कुमार तथा सहायक संपादक श्री दीपक गुप्ता भी थे।

मेले में प्रवेश निशुल्क है। मेले का समय प्रातः 11 बजे से रात्रि के 8 बजे तक होगा। पुस्तकों पर 10 % छूट का प्रावधान है। इस पुस्तक मेले में करीब 60 स्टाल्स लगेंगी। मेले में 54 पब्लिशर्स 40000 से ज्यादा किताबों की प्रदर्शनी लगाएंगे। जिसमें हर तरह के पाठक के रुझान को देखते हुए हर तरह की किताब रखी जायेगी।
मेले के दौरान प्रतिदिन साहित्यिक कार्यक्रम भी होंगे। मेले में होने वाले कार्यक्रम इस प्रकार हैं :
10 जून 2018 – कहानी पाठ में पांच कथाकारों का कहानी पाठ होगा। अध्यक्ष्ता करेंगे (डॉ) गौतम शर्मा
11 जून 2018 – ‘व्यंग्य के गलियारे से ‘ कार्यक्रम में पांच व्यंगकारों के पाठ होंगे। अध्यक्षता करेंगे डॉ प्रेम जनमेजय (दिल्ली)
12 जून 2018 – “पुस्तक संस्कृति और इंटरनेट के दौर शब्द का भविष्य। सञ्चालन करेंगे डॉ प्रत्युष गुलेरी और अध्यक्ष होंगे डॉ चमनलाल गुप्ता।
13 जून 2018 – कहानी लेखन कार्यशाला
14 जून 2018 – ‘कविता का लोक जुड़ाव ‘ विषय पैर चर्चा करेंगे
15 जून 2018 – एक कहानी का नाटक के रूप में मंचन होगा

अतिथियों ने सामान्य को सम्बोधित करते हुए किताबों की जीवन में महत्वता बताई। उन्होंने लोगों में किताबों की तरफ घटते आकर्षण की तरफ चिंता जताई .उन्होंने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा पाठकों के बीच पठन सामिग्री पहुंचना और युवाओं को किताबो की तरफ आकर्षण को बढ़ावा देने के प्रयासों को सराहा।

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