(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : केरल में भारी बारिश का कहर जारी है। अकेले गुरुवार को 30 लोगों की मौत के साथ ही बारिश व बाढ़ जनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या अब 97 हो गई है। इस हत्यारे मौसम ने पिछले दो दिनों में 55 लोगों की जान ली है। बाढ़ से जूझ रहे केरल के ग्राहकों के लिए टेलीकाम आपरेटरों जियो, बीएसएनएल, एयरटेल ने मुफ्त सेवा की घोषणा की है। दक्षिण रेलवे ने राज्य के कई हिस्सों में सेवा निलंबित कर दी है। कोच्चि में भी मेट्रो सेवा रोक दी गई है।अनवरत हो रही बारिश तथा मुल्लपेरियार, चेरथोनी, इडुक्की और इदामलयार समेत सभी बड़े बांधों के गेट खोले जाने से पेरियार नदी में जल स्तर बढ़ गया है जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हालात का जायजा लेने केरल पहुचेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी (एनसीएमसी) ने दिल्ली में एक बैठक कर राहत एवं बचाव कार्य में तीनों सेनाओं और अन्य एजेंसियों को लगाने का फैसला लिया। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ की पांच टीमें तिरुअनंतपुरम पहुंच चुकी हैं। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को कुल 35 टीमें यहां पहुंचेंगी। एनसीएमसी की शुक्रवार को भी बैठक होगी। अब तक एनडीआरएफ की 18 टीमें, सेना की इंजीनियरिंग टास्क फोर्स की आठ, कोस्ट गार्ड की 22, नौसेना की 24 डाइव टीमों को रवाना किया जा चुका है। राहत और बचाव दलों ने 2,182 लोगों को बचा लिया है तथा फंसे 968 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से हालात की जानकारी ली और रक्षा मंत्रालय से बचाव एवं राहत कार्य तेज करने को कहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री से बात कर बाढ़ग्रस्त केरल में राहत और बचाव कार्यो के लिए रक्षा बलों की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया।कर्नाटक में भी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार भारी बारिश के चलते यहां के जनजीवन अस्त–व्यस्त हो गया है। गुरुवार सुबह बारिश के कारण कलबुर्गी जिले के हिथल शिरूर गांव में एक मकान धराशायी हो गया। घटना में परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और एक घायल हो गया है। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पांच जिलों के आयुक्तों को हाई अलर्ट जारी करने का आदेश दे दिया और दक्षिण कन्नडा, हासन, चिक्का, चिकमंगलूर, कोडागू और शिवमोग्गा के जिला प्रभारी मंत्रियों को स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा।