(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कोलकाता के रोड शो में हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम शांति से रोड शो निकाल रहे थे, लेकिन तीन हमले हुए। हमारे पास खबर थी कि यूनिवर्सिटी से कुछ लोग आएंगे और पथराव करेंगे। अगर सीआरपीएफ न होती तो मेरा बचकर आना नामुमकिन था। दीदी से अपील करता हूं कि अगर कुछ छिपाना नहीं है, तो किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराएं। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि क्या अमित शाह भगवान हैं, जो उनके खिलाफ प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।दोपहर में तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उल्टा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अमित शाह बंगाल में बाहर के गुंडे लेकर आए। छात्रों ने काले पोस्टर, झंडे दिखाए। यह लोकतांत्रिक विरोध था। भाजपा वालों ने ही पत्थर फेंके। कोलकाता विश्वविद्यालय के छात्र थे, यहां से ईश्वरचंद्र विद्यासागर और श्यामा चरण मुखर्जी जैसी हस्तियों का नाम जुड़ा है।” ब्रायन ने एक वीडियो दिखाया और कहा कि हम इसे प्रमाणित करते हैं। इसमें साफ दिखाई दे रहा है कि भाजपा के लोगों ने ही पत्थर फेंके। हम यह वीडियो लेकर चुनाव आयोग के पास जाएंगे।योगी आदित्यनाथ ने उप्र में एक सभा में कहा- तृणमूल की सरकार जिन्हें आश्रय दे रही है, वही लोग मूर्ति पूजा को नहीं मानते। ईश्वर चंद्र विद्यासागर को हम भी मानते हैं, उनका सम्मान पूरा भारत करता है। हम मूर्ति की स्थापना करते हैं, कभी मूर्ति खंडित नहीं करते हैं। जिन गुंडों को आपने पाला हुआ है, वे जगह-जगह जाकर मूर्ति खंडित करते हैं। अपनी कमियों को छिपाने के लिए आपने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति खंडित करने का काम किया है।शाह ने कहा कि यूनिवर्सिटी के अंदर जाकर ईश्वरचंद विद्यासागर जी की मूर्ति को किसने तोड़ा। अदंर से तो टीएमसी के कार्यकर्ता पत्थरबाजी कर रहे थे। वे ही डंडे लेकर बाहर आ रहे थे। भाजपा कार्यकर्ता तो बाहर थे। बीच में पुलिस थी। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने वोट बैंक की राजनीति के लिए शिक्षाशास्त्री की प्रतिमा तोड़ी। मुझे लगता है ममता सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। मुझ पर बंगाल में एफआईआर दर्ज की गई। मैं बताना चाहता हूं कि आपसे डरता नहीं हूं।