(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : लोग हमेशा सेविंग और निवेश के लिए नए एवं सस्ते विकल्पों की तलाश में रहते हैं। तमाम विकल्पों के इतर हमारा ध्यान पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स की तरफ कम ही जाता है। पोस्ट ऑफिस में संचालित होने वाली किसान विकास पत्र और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट दोनों ही आय के बेहतर साधन हैं। छोटी बचत योजनाओं पर हाल के दरों में वृद्धि से दोनों स्कीम और भी आकर्षक हो गई हैं। हम इस खबर में बता रहे हैं कि आपके लिए कौन बेहतर है…
किसान विकास पत्र
ग्रामीण इलाकों में किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए 1988 में किसान विकास पत्र (केवीपी) पेश किया गया था। बहुत जल्द यह लोकप्रिय हो गया।
योग्यता
18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति केवीपी को खरीद सकता है।
कैसे करें आवेदन
केवीपी खरीदने के लिए फोटो आईडी कार्ड के साथ एड्रेस प्रूफ की जरूरत होगी। किसान विकास पत्र के लिए पास के डाकघर में जाना होगा। आपकी पैन डिटेल भी लगेगी।
कितनी राशि करें निवेश
केवीपी के लिए कम से कम 1000 रुपये की जरूरत होगी। इसके बाद 1000 रुपये के गुणक में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इसमें जमा की गई रकम 112 महीनों बाद म्योच्योर होती है। इस पर मिलने वाला ब्याज 7.7 फीसदी का होता है। किसान विकास पत्र (केवीपी) को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति और एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में स्थानांतरित किया जा सकता है।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) निश्चित आय निवेश योजना है, इसके लिए आप किसी भी डाकघर में निवेश कर सकते हैं। इसमें निवेश की कोई सीमा नहीं होती है।
कैसे करें आवेदन
एनएससी खरीदने के लिए पैन कार्ड और एड्रेस प्रूफ के साथ पास के डाकघर में संपर्क कर सकते हैं।
कितना करें निवेश
आप 100 रुपये और इससे ज्यादा का एनएससी ले सकते हैं।
कितना मिलेगा ब्याज
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट योजना में सालाना 8.0 फीसद की दर से ब्याज मिलेगा। पहले इस योजना में निवेश करने पर सालाना 7.6 ब्याज दर मिलती थी।
टैक्स छूट
इसमें जमा पर आयकर की धारा 80सी के तहत छूट मिलती है।