खतरनाक ही चूका है तूफ़ान ‘फेनी, आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की हुई तैनाती

इसके प्रभाव से अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। कई ट्रेनों को रद कर दिया गया है और कई के मार्ग बदल दिए गए हैं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : अत्यधिक भयावह रूप ले चुका चक्रवाती तूफान ‘फेनी’ तेजी से देश के पूर्वी तट की तरफ बढ़ रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने बुधवार को कहा कि फेनी के शुक्रवार तक ओडिशा में पुरी के दक्षिण में स्थित गोपालपुर और चंदबलि के बीच तट से टकराने की संभावना है। इसके प्रभाव से अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। कई ट्रेनों को रद कर दिया गया है और कई के मार्ग बदल दिए गए हैं। ओएनजीसी ने भी आंध्र प्रदेश के तट के पास बंगाल की खाड़ी में तेल और गैस की खोज के लिए स्थापित अपने छह रिंग से 480 कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया है। इनमें से पांच रिंग पर अब एक भी कर्मचारी नहीं रह गए हैं।एनडीएमए ने कहा कि फेनी के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिमालयी क्षेत्रों में 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।नौसेना और तटरक्षक बल के पोत व हेलीकॉप्टर और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के राहत दल को सभी अहम स्थानों पर तैनात कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना और वायु सेना की टुकडि़यों को भी तैयार रखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा के साथ ही भीषण चक्रवाती तूफान से आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कई जिले प्रभावित होंगे। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। कोलकाता पर भी असर देखने को मिलेगा।राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने फेनी से पैदा होने वाले हालात की समीक्षा की। बैठक में केंद्रीय और राज्य स्तर पर की गई तैयारियों का भी आकलन किया गया। कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र और संबंधित राज्यों व विभागों के अधिकारी शामिल हुए।आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग से राज्य के चार जिलों में आदर्श चुनाव आचार संहिता में छूट देने की अपील की है, ताकि चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए ऐहतियाती कदम उठाए जा सकें। राज्य के चार तटवर्ती जिलों पूर्वी गोदावरी, विशाखापट्टनम, विजयानगरम और श्रीकाकुलम पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इन चारों जिलों को हाई अलर्ट पर भी रखा गया है।

Comments (0)
Add Comment