(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : राष्ट्रपति कोविंद ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर परंपरा का निर्वहन करते हुए राष्ट्र के नाम अपना संदेश दिया। इस संदेश में उन्होंने देश में भाईचारा बढ़ाने पर जोर दिया। समसामयिक मुद्दों पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने फिल्म पद्मावत पर भी बोला। पद्मावत पर देश में हो रही हिंसा और विरोध प्रदर्शनों पर राष्ट्रपति ने कहा किसी की भावना का उपहास किए बिना भी किसी ऐतिहासिक घटना के प्रति असहमत हुआ जा सकता है, ऐसी भावना भाईचारा को बढ़ावा देती है। राष्ट्रपति ने देशवासियों को 69 वे गणतंत्र दिवस की बधाई दी और उन्होंने इस दिन के बारे में कहा कि हमारी संप्रभुता का उत्सव मनाने का दिन है। आज का दिन हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को नमन करने का दिन है। देश के नागरिकों का लोकतंत्र में सहयोग के बारे में बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा देश के नागरिक केवल गणतंत्र के निर्माता ही नहीं इसके संरक्षक और इसके आधार स्तंभ हैं। राष्ट्रपति ने देश के हर नागरिक का जिक्र करते हुए कहा कि विविध क्षेत्र में काम करने वाले हर एक नागरिक देश के गणतंत्र को और लोकतंत्र को शक्ति देते हैं फिर चाहे वह सैनिक, किसान, पुलिस या कोई नर्स ही क्यों ना हो।
राष्ट्रपति ने कहा- संविधान के निर्माण और उसे लागू करने के बाद भारत में गणराज्य की स्थापना से यहां के सभी नागरिकों के बीच बराबरी का आदर्श वास्तविक रूप से स्थापित किया गया और इस गणराज्य में हर धर्म क्षेत्र और समुदाय के लोग बराबरी से शामिल हो पाए हैं।