ग्रामीण समाज को जीवंत बनाते हैं  मेले : विकास लाबरू

उन्होंने कहा कि विविधता में एकता के प्रतीक मेले और उत्सवों के आयोजन से हमारी संस्कृृति को संजोने और सहेजने को बल मिलता है, साथ ही साथ नई पीढ़ी को हमारी स्मृद्ध एवं परम्पराओं का भी ज्ञान होता है।विकास लाबरू ने कहा कि मेले वास्तव में ग्रामीण समाज को जीवंत बनाते हैं ।

सुंदरनगर।रोशन लाल शर्मा
एन एल एन मीडिया।न्यूज़ लाइव नाउ
मण्डी 21 मार्च:  हिमाचल मेलों और त्यौहारों का प्रदेश है। साल के हर दिन यहां कोई न कोई त्योैहार मनाया जाता है। ये मेले-त्यौहार खुशियां बांटने और पूरे समाज को जोड़ने का काम करते हैं। यह विचार मंडलायुक्त विकास लाबरू ने आज सात दिवसतीय राज्य नलवाड़ मेले के विधिवत शुभारम्भ अवसर पर व्यक्त किए ।इस अवसर पर विकास लाबरू ने उपस्थित जनसमूह को नलवाड़ मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि  इन पर्वों और मेलों में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हो कर देश-दुनिया को हमारी बहुरंगी संस्कृृति की झलक दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता के प्रतीक मेले और उत्सवों के आयोजन से हमारी संस्कृृति को संजोने और सहेजने को बल मिलता है, साथ ही साथ नई पीढ़ी को हमारी स्मृद्ध एवं परम्पराओं का भी ज्ञान होता है।विकास लाबरू ने कहा कि मेले वास्तव में ग्रामीण समाज को जीवंत बनाते हैं । इनके माध्यम से अनेक प्रकार के उत्पाद एक स्थान पर उपलब्ध होते हैं।  प्रत्येक मेले का इस देश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परम्पराओं से जुड़ा होना इस बात का प्रमाण है कि ये मेले किस प्रकार जन मानस में एक अपूर्व उल्लास, उमंग तथा मनोरंजन करते हैं।
सुंदरनगर का नलवाड़ मेला उत्तर भारत में आयोजित होने वाले सबसे पुराने पशु मेलों में से एक है। यहां उन्नत किस्म के पशु खरीद-फरोख्त के लिए लाए जाते हैं जिससे प्रदेश और स्थानीय पशुपालकों को अच्छी नस्लों के पशुओं के चयन का मौका मिलता है। पशुपालन, कृषि व्यवसाय का मुख्य अंग है और पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में नलवाड़ मेला काफी अहंम भूमिका निभाता है।मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम डॉ0 अमित कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए सात दिवसीय मेले के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 23 व 24 मार्च को खेलकूद गतिविधियां, 24 को डॉग शो, 26 को पषु प्रदर्षनी व स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता  और 27 व 28 मार्च को छिंज का आयोजन किया जाएगा। मेले के दौरान पांच सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित की जाएंगी जिसमें 23 मार्च की सांस्कृतिक संध्या शहीदों की याद में समर्पित होगी।इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष पूनम शर्मा सहित समस्त पार्षद गण, पुलिस उप-अधीक्षक तरणजीत सिंह, तहसीलदार उमेष शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी मोहन शर्मा सहित अन्य गणमान्यलोग मौजूद रहे।

 

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