एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) :साउथ चाइना सी को लेकर एक बार फिर चीन और अमेरिका में टकराव बढ़ सकता है। इस इलाके में चीन के द्वारा घातक मिसाइलें तैनात करने पर अमेरिका ने अंजाम भुगतने की धमकी दी है। व्हाइट हाउस की मीडिया ब्रीफिंग के दौरान प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स ने कहा कि अमेरिका को साउथ चाइना सी में चीन की सभी गतिविधियों के बारे में पता है। हमने सीधे तौर पर चीन से चिंता जाहिर की है। अब इस मुद्दे के कुछ दूरगामी परिणाम होंगे। बता दें कि चीन इस इलाके पर अपना हक जताता है। पिछले 30 दिनों में यहां के तीन द्वीपों पर मिसाइलें तैनात की हैं। बता दें कि पिछले कई दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि चीन साउथ चाइना सी में अपना सैन्य तंत्र खड़ा करने में जुटा है। अमेरिकी मीडिया की कुछ हालिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि चीन ने विवादित क्षेत्र में तीन जगहों पर मिसाइलें तैनात की हैं। गुरुवार को चीन ने खुद ही इन कयासों को पुख्ता करते हुए कहा कि साउथ चाइना सी पर उसकी निर्विवाद संप्रभुता है। बताया गया है कि चीन ने इस क्षेत्र के तीन द्वीपों पर घातक एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम तैनात किया है।साउथ चाइना सी में चीन की गतिविधियों का खुलासा कुछ ही दिनों पहले अमेरिकी मीडिया ने किया था। इन रिपोर्ट्स में कहा गया था कि चीन ने सिर्फ 30 दिनों के अंदर फियरी क्राॅस रीफ, सूबी रीफ और मिसचिफ रीफ पर मिसाइलें तैनात कर दी हैं।अपने इस कदम का बचाव करते हुए गुरुवार को ही चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि नान्शा द्वीप (स्पार्ट्ली) द्वीप और इसके नजदीक मौजूद सभी द्वीपों पर चीन की बिना किसी विवाद के संप्रभुता है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्त हुआ चुनयिंग ने कहा था कि चीन इस क्षेत्र में अपनी अखंडता और संप्रभुता बनाए रखने के लिए अपनी गतिविधियां जारी रखेगा। चीन साउथ चाइना सी को लेकर अपना दावा ठोक चुका है। चीन ने पिछले दिनों इस क्षेत्र में 7 आइलैंड, मिसाइल स्टेशन, हैंगर और रडार स्टेशन बना चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से ही चीन और अमेरिका के बीच साउथ चाइना सी को लेकर तनातनी का माहौल है।राष्ट्रपति के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान बराक ओबामा बराक ओबामा भी साउथ चाइना सी पर चीन के बढ़ते कब्जे को लेकर विरोध जता चुके हैं। चीन वेस्टर्न पेसिफिक में अपने कब्जे से अमेरिका को हमेशा चुनौती देता रहा है। साउथ चाइना सी का करीब 35 लाख स्क्वेयर किमी एरिया विवादित है। इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई दावा करते रहे हैं।इस समुद्र से हर साल 5 लाख करोड़ यूएस डॉलर से ज्यादा का ट्रेड होता है। यहां तेल और गैस के बड़े भंडार हैं। अमेरिका के मुताबिक इस इलाके में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नैचुरल गैस के भंडार है।वियतनाम इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का न्यौता दे चुका है। चीन ने 2013 के आखिर में एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाकर पानी में डूबे रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड में बदल दिया था।