(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : कोरोना वायरस के मालों ने दुनिया को चिंतित कर रखा है। चीन में रविवार को जानलेवा कोरोना वायरस के 17 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर हैं। सभी मामले वुहान के केंद्रीय शहर में सामने आए हैं। इसके चलते देश में लूनर न्यू ईयर से पहले दहशत का माहौल है। यह वायरस एसएआरएस (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) से मिलता जुलता है। इसके चलते 2002-2003 में चीन और हांगकांग में लगभग 650 लोगों की मौत हो गई थी। इस वजह से चिंता और बढ़गई है। वुहान के अधिकारियों ने कहा कि इस वायरस ने शहर में अब 62 लोगों को संक्रमित कर दिया है। आठ गंभीर हालत में हैं। 19 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और बाकी सभी लोगों की उपचार जारी है। वायरस से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक 69 वर्षीय व्यक्ति भी शामिल है, जिसकी बुधवार को मृत्यु हो गई थी। अधिकारियों ने कहा कि वे वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान करने के लिए शहर भर में निमोनिया के मामलों का अनुकूलित परीक्षण शुरू कर चुके हैं। अगले कदम के रूप में शहर में संदिग्ध मामलों का पता लगाना शुरू कर देंगे। लंदन के इंपीरियल कॉलेज एमआरसी सेंटर फॉर ग्लोबल इंफेक्शियस डिजीज एनालिसिस के वैज्ञानिकों ने प्रभावित लोगों की संख्या एक हजार से अधिक होने का दावा किया है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 12 जनवरी तक कुल 1,723 लोग इसकी चपेट में आए हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, कोरोना वायरस सी-फूड से जुड़ा है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है। यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। कोरोना वायरस के मरीजों में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं। इसके बाद ये लक्षण न्यूमोनिया में बदल जाते हैं और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। अभी तक इस वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं बनी है। वायरल न्यूमोनिया से डरे अमेरिका ने वुहान से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। उसने इस काम के लिए लॉस एंजिलिस, सैन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क के केनेडी एयरपोर्ट पर 100 कर्मचारियों को तैनात किया है। यहां पर वुहान से आने वाले यात्रियों से ना केवल उनके लक्षणों के बारे में पूछा जाएगा बल्कि उनका तापमान भी लिया जाएगा। एशिया के कम से कम छह अन्य देशों ने भी मध्य चीन से आने वाले हवाई यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। इसमें थाइलैंड और जापान भी शामिल हैं। खास बात यह है कि दोनों देशों में वायरल न्यूमोनिया के तीन मामले सामने आ चुके हैं।