जानिए किन पिछली सरकार के 30 मंत्रियों को मोदी के मंत्रिमंडल में नहीं मिली जगह

2014 में उनके पहले मंत्रिमंडल में 45 सांसद थे।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : लोकसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आए नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में एक भव्य समारोह में मोदी व उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। मोदी ने अपने नए मंत्रिमंडल में 57 मंत्रियों को चुना है। 2014 में उनके पहले मंत्रिमंडल में 45 सांसद थे। 2019 में मोदी कैबिनेट में 75 मंत्री थे। इस बार इनमें से कम से कम 30 मंत्रियों को छोड़ दिया गया है।करीब दो घंटे चले शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए की जीत के सूत्रधार रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर आकर्षण का केंद्र रहे। खासकर जयशंकर को मंत्रिमंडल में शामिल कर और कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को चौंकाया है। मोदी के पहले मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्य व भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली व सुषमा स्वराज को नई सरकार में स्थान नहीं मिला है। स्वराज ने जहां इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा वहीं जेटली ने स्वास्थ्य कारणों से मंत्री बनने से बुधवार को ही इंकार कर दिया था।

राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आमंत्रित लगभग आठ हजार खास मेहमानों की मौजूदगी में क्रीम रंग का कुर्ता पायजामा एवं अपनी चिरपरिचित जैकेट पहने मोदी ने शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति के पास जाकर उनसे गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए उनसे बधाई स्वीकार की। मोदी के बाद राजनाथ सिंह और फिर अमित शाह ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। बेगूसराय में कन्हैया कुमार को हराने वाले तेज तर्रार नेता गिरिराज किशोर का भी दर्जा बढ़ाकर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दायित्व दिया गया है।मोदी के नए मंत्रिमंडल के 24 कैबिनेट मंत्रियों में भाजपा के 20 तथा एनडीए के घटक शिवसेना, लोजपा एवं शिरोमणि अकाली दल के एक एक सदस्य शामिल हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जयशंकर ने भाजपा की सदस्यता ली है या नहीं। मोदी के कैबिनेट मंत्रियों में मुख्तार अब्बास नकवी एकमात्र मुस्लिम चेहरा हैं। नई सरकार में जहां भाजपा अध्यक्ष शाह को शामिल किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश एवं बिहार की पार्टी इकाइयों के प्रमुख क्रमश: महेन्द्र नाथ पांडेय एवं नित्यानंद राय को भी स्थान दिया गया है।राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, डी वी सदानंद गौड़ा, निर्मला सीतारमण, राम विलास पासवान, नरेन्द्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर, थावर चंद गहलोत, डॉ. एस जयशंकर, रमेश पोखरियाल निशंक, अर्जुन मुंडा, स्मृति ईरानी, डॉ. हर्षवर्धन, प्रकाश जावडे़कर, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, मुख्तार अब्बास नकवी, प्रहलाद जोशी, डॉ. महेन्द्र नाथ पांडे, अरविंद सावंत, गिरिराज सिंह और गजेन्द्र सिंह शेखावतनई सरकार में पिछली सरकार के जिन प्रमुख चेहरों को शामिल नहीं किया गया है उनमें सुरेश प्रभु, मेनका गांधी, जेपी नड्डा, राधामोहन सिंह, राज्यवर्द्धन राठौड़, जुएल ओराम, उमा भारती, अनंत गीते, महेश शर्मा एवं केजे अल्फोंस शामिल हैं।

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