जानिए जैश के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के दौरान प्रयोग में लाये गए कौन कौन से हथियार

जब इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा था तब मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे 12 सुपरसोनिक मिराज 2000 खतरनाक पीजीएम मिसाइल और लेजर गाईडेड बमों से लैस बरेली, आगरा, अंबाला, ग्वालियर सहित कई हवाई अड्डों पर तैयार थे।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पुलवामा हमले के 13वें दिन भारतीय वायुसेना ने पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट समेत आतंक के तीन बड़े अड्डे तबाह कर दिए। जब इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा था तब मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे 12 सुपरसोनिक मिराज 2000 खतरनाक पीजीएम मिसाइल और लेजर गाईडेड बमों से लैस बरेली, आगरा, अंबाला, ग्वालियर सहित कई हवाई अड्डों पर तैयार थे। अंतिम आदेश मिलते ही विमानों ने उड़ान भरी। सबसे पहले तंगधार सेक्टर से चार सुखोई विमान सीमा पार गए और पाक कुछ करता इससे पहले ही लौट आए। इसके बाद 6 मिराज विमान इसी सेक्टर से पाकिस्तानी सीमा में घुसे और 9 मिनट में कार्रवाई पूरी की। हालांकि आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने में 2 मिनट से भी कम समय लगा। उनके साथ संचार तकनीक से लैस ड्रोन हेरॉन भी था।
इस बीच बैकअप के लिए 6 मिराज नियंत्रण रेखा पर ही उड़ते दिखे। साथ ही 36 सुखोई विमान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग उंचाई पर अलग-अलग सेक्टरों में उड़ते दिखे। 100 पैराट्रूपर्स एम-17 हेलीकॉप्टरों में एलओसी के आस पास तैनात रहे। पाकिस्तान की ओर से एफ-16 विमानों की जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए 36 सुखोई और 5 मिग तैनात किए गए थे।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी रडार को धता बताने के लिए इस ऑपरेशन में अमेरिका का भी साथ लिया गया। पाकिस्तान के पास अमेरिकी तकनीक से लैस रडार है जिसे अमेरिका ही जाम कर सकता है। आपरेशन के दौरान 1 हवा में ईंधन भरनेवाले विमान और 2 निगरानी विमानों का भी प्रयोग किया गया।

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