जेट एयरवेज को आर्थिक संकट से निकालने के लिए कर्मचारियों ने इकट्ठा किए 3 हजार करोड़ रुपए

जेट को कर्ज से उबारने के लिए एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों का कंसोर्शियम जेट की हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली प्रक्रिया शुरू की है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : 8 हजार करोड़ रु. के कर्ज में डूबी जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने एसबीआई से एयरलाइन के मैनेजमेंट पर नियंत्रण हासिल करने के लिए इजाजत मांगी है। 20 हजार कर्मचारियों में से एक समूह ने एसबीआई को इस संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने बाहरी निवेशकों से 3 हजार रु. का फंड इकट्ठा किया है। जेट को कर्ज से उबारने के लिए एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों का कंसोर्शियम जेट की हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली प्रक्रिया शुरू की है। यह प्रोसेस 10 मई तक पूरी होगी।सोसाइटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पायलट (एसडब्ल्यूआईपी) और जेट एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईडब्ल्यूए) ने एसबीआई को प्रस्ताव भेजा। इसमें कहा गया कि कर्मचारी भविष्य में होने वाली कमाई से एयरलाइन को पुनर्जीवित करने के लिए काम करेंगे और प्रोडक्टिविटी को बढ़ाएंगे।पत्र में कहा गया कि इम्प्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्रोग्राम (ईएसओपी) के पंचवर्षीय कार्यक्रम में कर्मचारियों का योगदान करीब 4 हजार करोड़ तक हो सकता है। एसोसिएशनों ने कहा कि यह फैसला बहुत चर्चा के बाद लिया गया है। इसमें कर्मचारियों के अलावा उन साथियों को भी शामिल किया गया था, जिन्होंने मैनेजमेंट वरिष्ठ पदों पर काम किया है।

उन्होंने कहा कि हम यह जानते हैं कि हमें ऑपरेशन की लागत, ओवर स्टाफिंग, प्रतिकूल वेंडर और लीज परिस्थितियों, कर्ज और इक्विटी के विषम अनुपात जैसी समस्याएं विरासत में मिलेंगी।एसबीआई से अपील की गई कि एयरलाइन का रजिस्ट्रेशन खत्म करने और एयरपोर्ट स्लॉट के दोबारा आवंटन की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी जाए। अगर ऐसा तुरंत नहीं किया जाता है तो कंपनी को दोबारा शुरू करने की भविष्य की कोई भी संभावना धूमिल हो जाएगी।जेट एयरवेज की हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया जारी है। एसबीआई अप्रैल अंत तक आर्थिक प्रस्ताव पेश करने के लिए निवेशकों को छांट रही है। प्राइवेट इक्विटी फर्म टीपीजी कैपिटल, इंडिगो पार्टनर्स, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) और ऐतिहाद एयरवेज एयरलाइन में हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में शामिल हैं।

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