मीडिया के पाखंडी-झूठी ख़बर और फ़र्ज़ी स्टिंग दिखाने के आरोप में राजदीप सरदेसाई, आशुतोष और अरुणोदय ने कोर्ट में सरेंडर किया।

तरुण तेजपाल जैसे रेप और महिला शोषण करने वाले कथित पत्रकारों की लम्बी लिस्ट है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : मीडिया के पाखंडी टीवी स्टूडियो में बैठ कर बाबाओं के स्टिंग ओप्रशन, उन्हें देश को बर्वाद वाला, अंधविश्वास फैलाने वाला बताने में कोई कोर-कसर नहीं छोडते। आरोपी बता-बता कर दिनों, महीने, सालों बाबाओं पर उनके पाखण्ड पर स्टूडियो में डीबेट करते हैं। ज़हरीले न्यूज़ पैकेज चलाये जाते हैं। लेकिन अब गहरा सन्नटा छा गया है। सांप सूंघ गया है। क्योंकि पत्रकार तरुण तेजपाल जैसे रेप और महिला शोषण करने वाले कथित पत्रकारों की लम्बी लिस्ट है। लेकिन क्योंकि जब अपने पर बात आती है तो मीडिया के अंदर के ढोंगी-पाखंडियों को कुछ सुनाई और दिखाई नहीं देता।10 वर्ष पूर्व गाजियाबाद के तत्कालीन सीएमओ और वर्तमान में नोएडा के जिला अस्पताल में सीएमएस के पद में काम कर रहे डॉ. अजय अग्रवाल की मीडिया के खिलाफ जंग में एक बड़ा मोड़ तब आया जब आरोपी पत्रकारों राजदीप सरदेसाई, आशुतोष और अरुणोदय मुखर्जी को गाजियाबाद की एसीजेएम-3 की कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा। इन सभी पर फर्जी स्टिंग प्रसारित कर डाक्टर अजय अग्रवाल की मानहानि और छवि धूमिल करने का आरोप है। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, आशुतोष आदि जो फ़र्ज़ी स्टिंग के आरोप में फ़ंसे हैं, को शुक्रवार दिन भर गाजियाबाद की जिला अदालत में रहना पड़ा। देर शाम इन्हें जमानत मिली लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण इन्हें कस्टडी में ही रखा गया था। राजदीप सरदेसाई सहित 9 लोगों पर आरोप है कि उन्होंने 10 वर्ष पूर्व गाजियाबाद के पूर्व सीएमओ एवं वर्तमान में नोएडा के सीएमएस के पद पर तैनात डॉ अजय अग्रवाल का फर्जी स्टिंग किया था एवं इस स्टिंग को समाचार चैनल आईबीएन7 पर चलाया। पत्रकार से आम आदमी पार्टी नेता बने आशुतोष, पत्रकार राजदीप सरदेसाई और अरुणोदय मुखर्जी ने गाजियाबाद की अदालत में सरेंडर करने के साथ ही जमानत अर्जी पेश की। इस पर सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों की जमानत मंजूर करने का निर्णय लिया।अभियोजन अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि तत्कालीन सीएमओ गाजियाबाद अजय अग्रवाल नोएडा के सरकारी अस्पताल में ऑर्थो सर्जन थे। उस वक्त उन पर गाजियाबाद में भी चार्ज था। इस दौरान उनके खिलाफ एक फर्जी स्टिंग प्लांट कर तत्कालीन आईबीएन7 और सीएनएनआईबीएन चैनलों पर प्रसारित किया गया। आईबीएन7 चैनल का नाम बदलकर अब न्यूज18इंडिया किया जा चुका है। उस वक्त इन चैनलों में राजदीप सरदेसाई, आशुतोष आदि संपादक के रूप में काम किया करते थे।डाक्टर अजय अग्रवाल ने मीडिया के इस फर्जीवाड़े से आहत होकर अदालत में मानहानि का वाद दायर किया। इस वाद में चैनल के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों व पत्रकारों राजदीप सरदेसाई, अरुणोदय मुखर्जी, आशुतोष आदि समेत नौ लोगों को नामजद कराया। ये सभी आरोपी हाई कोर्ट से अपने पक्ष में राहत ले आए तो इसके विरोध में डॉ। अजय अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट गए।सुप्रीम कोर्ट ने डाक्टर अजय अग्रवाल की याचिका पर निचली अदालत में मुकदमा चलाए जाने के आदेश दिए। इस मामले में अदालत ने आरोपियों के खिलाफ कई बार वारंट जारी किया। पेश न होने पर गैरजमानती वारंट जारी कर दिया। कल शुक्रवार के दिन तीनों आरोपियों ने अदालत में सरेंडर किया और बाद में उन्हें जमानत मिली गई।इसी मामले में आरोपी राघव बहल, संजय राय चौधरी व हर्ष चावला ने दो दिन पहले अदालत में सरेंडर किया था। इस मामले में कुल 9 आरोपियों से अब तक पांच आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। सुनवाई की अगली तारीख आठ अगस्त है।

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