ड्रोन गिराने से खफा ट्रंप ने दिया ईरान पर हमले का आदेश, फिर लिया वापस।

भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 12.30 बजे ईरान पर हमला करने की आशंका जताई जा रही थी।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : अमेरिकी जासूसी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सेना को ईरान पर हमला करने का आदेश दिया था। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि अपने अफसरों से चर्चा करने के बाद ट्रम्प ने अपना फैसला बदल दिया। चर्चा में ट्रम्प प्रशासन के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 12.30 बजे ईरान पर हमला करने की आशंका जताई जा रही थी। ईरान के रडार और मिसाइलों की बैटरी निशाने पर थी। रिपोर्ट में ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी का हवाला देते हुए कहा गया कि लड़ाकू विमान और जंगी जहाज हमला करने की स्थिति में थे, लेकिन इस आदेश को रद्द कर दिया गया। इससे पहले ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी थी कि जासूसी ड्रोन को गिराकर उसने बड़ी गलती की है। ईरान ने बुधवार को हार्मोज्गान प्रांत में अमेरिका के जासूसी ड्रोन को मार गिराया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी के बाद अमेरिका में तेल की कीमतों में गुरुवार को 6% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। न्यूयॉर्क में गुरुवार सुबह से ही तेल की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई। यूरोप में क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 5% बढ़ गई। अमेरिका की यूनाइटेड एयरलाइंस ने कहा कि न्यूजर्सी के नेवार्क से मुंबई के बीच उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है। मुंबई के लिए उड़ानें ईरान के हवाईमार्ग से जाती हैं। एयरलाइंस ने कहा कि ईरान द्वारा ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि यह नहीं बताया गया कि उड़ानें कब तक निलंबित रहेंगी। समाचार एजेंसी आईआरएनए ने ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमखानी के हवाले से कहा- ईरान और अमेरिका के बीच कोई सैन्य टकराव नहीं होगा क्योंकि युद्ध का कोई कारण नहीं है। दूसरे देशों पर आरोप लगाना अमेरिकी अधिकारियों के लिए एक आम बात है। वे अन्य देशों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। यह घटना ऐसे वक्त हुई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। पिछले साल अमेरिका ने ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया था। अमेरिका, ईरान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के उल्लंघन का आरोप लगाता रहा है।

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