ताज संरक्षण मामले में पर्यावरण-वन मंत्रालय को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- आप हैं जिम्मेदार।

कोर्ट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से सोमवार तक उन अधिकारियों का नाम बताने को कहा है जिनकी ताजमहल को संरक्षित रखने की जिम्मेदारी होगी।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ताजमहल संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई हो रही है। सोमवार को कोर्ट एक बार सख्त नजर आया। कोर्ट ने ताजमहल के रखरखाव और संरक्षण के लिए ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) अध्यक्ष, पर्यावरण मंत्रालय, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को जिम्मेदार माना। वहीं, एएसआइ ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके महानिदेशक ताजमहल रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे। एएसआइ ने कहा कि 2013 में ही ताजमहल पर यूनेस्को की योजना दी थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ताजमहल पर हमारी चिंता यूनेस्को द्वारा दिखाए गई रिपोर्ट से भी कहीं ज्यादा अधिक होनी चाहिए। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि कोई भी जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता। क्या यहां कोई तमाशा चल रहा है या मजाक हो रहा है। कोर्ट ने फाइनल विजन डाक्यूमेंट दाखिल करने के बजाए उसका मसौदा दाखिल करने पर उत्तर प्रदेश सरकार की खिंचाई करते हुए कहा था कि इतने दिनों में मसौदा दाखिल किया है, क्या कोर्ट इसे सही गलत परखेगा। कोर्ट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से सोमवार तक उन अधिकारियों का नाम बताने को कहा है जिनकी ताजमहल को संरक्षित रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा कोर्ट ने ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) को संरक्षित रखने के लिए फौरी तौर पर किये जाने वाले उपायों पर उत्तर प्रदेश सरकार से 28 अगस्त तक जवाब मांगा है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा कि उसने हिंदी में विजन डाकूमेंट क्यों नहीं तैयार किया जो लोगों की भाषा है। क्या लोगों को जानने का हक नहीं है कि ताजमहल संरक्षित रखने के लिए सरकार क्या योजना ला रही है। कोर्ट ने विजन डाकूमेंट का हिंदी मे अनुवाद करने और उसे वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा कि ताजमहल विश्व धरोहर है। क्या केन्द्र या किसी और अथारिटी ने ताजमहल के प्रबंधन की योजना व‌र्ल्ड हैरिटेज सेंटर यूनेस्को को भेजी है। पीठ ने कहा कि हम प्रार्थना और उम्मीद करते हैं कि ऐसा कभी न हो लेकिन क्या होगा अगर यूनेस्को कह दे कि वह ताजमहल से विश्व धरोहर का टैग वापस लेता है। वेणुगोपाल ने कहा कि ताजमहल दुनिया के सात आश्चर्यों में शामिल है और विश्व धरोहर है अगर इसका विश्व धरोहर का दर्जा वापस लिया जाता है तो ये देश के लिए बहुत ही शर्मिंदगी की बात होगी।

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