तुर्की, चीन और सऊदी अरब ने पाकिस्तान को दिया समर्थन

पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि उसने अमेरिका के प्रयास को विफल कर दिया है। पेरिस के अंतरराष्ट्रीय वॉचडॉग ने पाक को तीन महीने की छूट दी है।

(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : अमेरिका द्वारा पाकिस्तान की फंडिग को लेकर हुई कार्रवाई को लेकर पाक को तीन देश तुर्की चीन और सऊदी अरब का समर्थन मिला है। पाकिस्तान को अमेरिका ने फंडिंग करना बंद कर दिया है। ऐसा दरअसल इसलिए किया गया है कि पाकिस्तान अपने देश में आतंक की खेती करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद को फंडिग देने वाले देशों में पाकिस्तान को शामिल किया जाए या नहीं अभी इसको लेकर आखिरी फैसला नहीं हुआ है। उससे पहले अमेरिका की कोशिशों को झटका लगा है। अमेरिकी मीडिया ने जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान इसे अपनी बड़ी जीत मान रहा है।बता दें कि अमेरिकी प्रशासन पेरिस में फाइनेंशल एक्शन टास्क फोर्स की मीटिंग में पर्दे के पीछे काम कर रहा है। वहीं वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक यह पहला वाक्या है जब ट्रंप सरकार और सऊदी अरब के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई। सऊदी अरब पाकिस्तान को इसलिए समर्थन कर रहा है। क्योंकि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जो गल्फ कॉरपरेशन कांउसिल के अंर्तगत आते हैं। अंतरराष्ट्रीय आंतकवाद की फंडिंग को रोकने के लिए अमेरिका लगातार प्रयास कर रहा है। अमेरिका चाहता है कि एफएटीएफ इस पर कोई निर्णय करे। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि उसने अमेरिका के प्रयास को विफल कर दिया है। पेरिस के अंतरराष्ट्रीय वॉचडॉग ने पाक को तीन महीने की छूट दी है। FATF एक ऐसा अंतराष्ट्रीय संगठन है, जो अलग-अलग देशों के बीच होने वाली मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिग जैसे मसलों को देखता है। अमेरिका अपने यूरोपीय देशों के सहयोग से पाकिस्तान को निगरानी सूची में रखने की पूरी जुगत में है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह अमेरिका का ही दबाब है कि गुरुवार को इस मुद्दे पर दोबारा वोटिंग कराने के आसार लग रहे हैं। वहीं पाकिस्तान अपने आप को बचाने के लिए पूरी कोशिश में लगा हुआ है।

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