ददाहू बस हादसा: हादसे की जांच में सामने आई स्कूल प्रबंधन की लापरवाही, बोर्ड ने रद्द की मान्यता

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : सिरमौर। जिला के ददाहू स्कूल बस हादसे के बाद स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दयानंद आदर्श विद्या निकेतन (डीएवीएन) विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी है। बीते पांच जनवरी को डीएवीएन स्कूल बस हादसे में स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद उच्च शिक्षा निदेशक ने स्कूल शिक्षा बोर्ड को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए कहा था। उल्लेखनीय है कि ददाहू-संगड़ाह मार्ग पर खड़कोली के समीप स्कूल बस करीब 500 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। सुबह करीब 7.45 बजे स्कूल जाते समय हादसे में सात मासूम बच्चों और बस चालक की मौत हो गई थी। 10 बच्चे और लिफ्ट लेने वाला बुजुर्ग घायल हो गए। डीएवीएन स्कूल ददाहू की यह बस रजाणा, माइना, माइना बाग, घाटों, थाना खेगुआ आदि इलाकों से बच्चों को लेकर ददाहू पहुंचती थी। हादसे के बाद अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि बस अक्सर खराब हो जाती थी। कई बार बच्चे देरी से पहुंचते थे। पांच जनवरी को ददाहू-संगड़ाह सड़क मार्ग पर खड़कोली में हुए स्कूल बस हादसे में स्कूल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस और मैकेनिकल जांच में सामने आया है कि यह हादसा स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हुआ। स्कूल बस खराब थी। बावजूद इसके बस में बच्चों को बैठाया जा रहा था। पुलिस ने स्कूल के संचालक एवं बस मालिक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 के तहत मामला दर्ज किया था। जबकि मैकेनिकल रिपोर्ट और लोगों व घायलों के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ भादंसं की धारा 337,338 और 304 ए के तहत भी मामला दर्ज हुआ है। बीते शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया। हालांकि, उसे 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है। एसडीएम संगड़ाह ने जांच पड़ताल में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई। पूरी जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी गई। मैकेनिकल जांच में भी यह बस खराब पाई गई, जबकि अभिभावकों ने भी बार-बार बस खराब रहने के बयान दिए। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एमवी एक्ट के साथ आईपीसी की धाराएं भी जोड़ी हैं। डीएसपी संगड़ाह अनिल घोल्टा व थाना प्रभारी जीतराम भारद्वाज ने बताया कि यह बस अक्सर खराब रहती थी। इस बस का निरीक्षण लोनिवि व पुलिस के मैकेनिक द्वारा करवाया गया, जिसमें बस में कई तकनीकी खामियां पाई गई। चालक के पास बड़े वाहन चलाने का लाइसेंस भी नहीं था। मैकेनिकल रिपोर्ट और अभिभावकों के बयान के आधार पर स्कूल के प्रधानाचार्य और बस मालिक को गिफ्तार किया गया। जिसे बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।

Comments (0)
Add Comment