आनंद विहार बस अड्डे पर आने वाली उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों पर जल्द ही प्रतिबंध लग सकता है. बढ़ते प्रदूषण की वजह से यह फैसला लिया जाने वाला है. सुप्रीम कोर्ट की बनाई गई कमेटी इनवायरमेंटल प्रोटेक्शन कंट्रोल अथॉरिटी के बस अड्डा निरीक्षण के बाद यह फैसला हो सकता है.
आनंद विहार दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों में से एक है. इसकी एक बड़ी वजह यहां का अंतरराज्यीय बस अड्डा भी है. यहां रोजाना 945 बसें आती हैं, जिनमें से करीब पांच सौ अकेले उत्तर प्रदेश से होती हैं.
बताया गया है कि यूपी वाली बसें अब कौशांबी बस अड्डे पर रुकेंगी. वहीं से बनकर आगे चलेंगी. वह दिल्ली में नहीं घुसने पाएंगी. बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट की बनाई गई कमेटी इनवायरमेंटल प्रोटेक्शन कंट्रोल अथॉरिटी के चेयरमैन भूरेलाल ने आनंद विहार बस अड्डे का मुआयना करने बाद दिल्ली के परिवहन आयुक्त को यह निर्देश दिए हैं.
उन्होंने यूपी के परिवहन आयुक्त से बातचीत कर इस पर फैसला लेने के लिए कहा है. मंगलवार ही दिल्ली में सात राज्यों की बसों का प्रदूषण चेक किया गया, जिनमें से यूपी की बसें सबसे ज्यादा प्रदूषित मिलीं. यहां की 14 में से 11 बसें प्रदूषण जांच में फेल हो गई थीं.
पीएम 10 का सामान्य लेवल 100 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम) होना चाहिए. जबकि आनंद विहार में यह 900 तक पहुंच चुका है. इसी तरह पीएम 2.5 का नॉर्मल लेवल 60 एमजीसीएम होता है लेकिन यह यहां 500 तक पहुंच गया है.