दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद व्यापारियों के साथ-साथ लोगों ने पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और खरीददारी की ओर रुख किया था, लेकिन अब ऑनलाइन भी पटाखे मिलना बंद हो गए हैं.
दरअसल दिवाली से ठीक पहले दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, जिसके बाद व्यापारियों के सामने यह समस्या खड़ी हो गई कि उन्होंने जो लाखों रुपए का पटाखों का स्टॉक तैयार कर रखा है, उसका क्या करें. ऐसे में कुछ व्यापारियों ने ऑनलाइन कंपनियों से बात की और उन्हें अपना स्टॉक दे दिया. तब से कंपनी दिल्ली-एनसीआर में ऑनलाइन पटाखे बेच रही थी. पटाखों के शौकीन लोग भी इन वेबसाइटों से पटाखे खरीद रहे थे लेकिन अब ऑनलाइन भी पटाखे मिलना बंद हो गए हैं.ऑनलाइन कंपनियां भी पटाखों की डिलीवरी दिल्ली-एनसीआर से बाहर ही कर रही हैं.
करोल बाग में मेडिकल की दुकान चलाने वाले उमेश गुप्ता का पूरा परिवार एकसाथ दिवाली मनाता है. सभी लोग दिवाली पर करोल बाग में इकट्ठा होते हैं और पटाखे छोड़ते हैं. लेकिन इस बार पटाखों की बिक्री पर बैन के बाद जब उन्होंने ऑनलाइन पटाखे खरीदने की कोशिश की तो उन्हें भी पटाखे नहीं मिले. अब वे आगरा जाकर पटाखे खरीदने की सोच रहे हैं.
ऑनलाइन रिटेल कंपनियों ने अपनी स्क्रीन पर संदेश लिख दिया है कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर बैन है इसलिए लोग पटाखे ऑर्डर ना करें. शुरुआत में कुछ आॉनलाइन कंपनियां पटाखा खरीदने के इच्छुक लोगों को एक बैंक अकाउंट दे रही थीं, जिस पर पटाखे खरीदने वाले लोग पैसा ट्रांसफर कर सकें. इसके अलावा कुछ वेबसाइटें कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प भी दे रही थीं, लेकिन इसके लिए कम से कम 5000 रुपए की खरीददारी जरूरी थी. हालांकि पहले दुकानों से और अब ऑनलाइन शॉपिंग साइटों से पटाखों की बिक्री बंद होने के बाद दिल्ली वालों के पास दिवाली बिना पटाखों के मनाने के और कोई चारा नहीं बचा है.