(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : देश की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया हैं। दिल्ली के एम्स अस्पताल में सुषमा स्वराज ने अंतिम सांस ली। उन्होंने अपने आखरी ट्वीट में लिखा – जिंदगी भर इस दिन की प्रतीक्षा कर रही थी।अंतिम संस्कार आज, पीएम मोदी ने कहा- करोड़ों लोगों की प्रेरणास्रोत।जनता पार्टी से राजनीति में आईं, अटल से मोदी सरकार तक चार बार मंत्री रहीं। सुषमा टि्वटर पर 1.31 करोड़ फॉलोअर्स के साथ दुनिया की सबसे चर्चित महिला नेता थी। थोड़ी देर में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके आवास पर पहुंचेंगे। उनका पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में दर्शन के लिए रखा जाएगा। हेमा मालिनी, बाबा रामदेव और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने पूर्व विदेशमंत्री सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि दी। रूस के विदेश मंत्रालय ने दुख जताते हुए कहा कि हम अपने मैत्रीपूर्ण देश के पूर्व विदेश मंत्री के निधन पर भारत के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। सुषमा स्वराज के निधन पर केवल देश ही नहीं बल्कि विदेशों के कई राजनेताओं ने भी दुख जताया है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने ट्वीट किया कि भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेशमंत्री सुषमा स्वराज जी के निधन के बारे में जानकर मुझे गहरा झटका लगा। भारत सरकार और लोगों के साथ-साथ शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदना और गहरी संवेदना। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शोक जताते हुए कहा कि सुषमा जी के निधन से मैं स्तब्ध हूं। मैं उन्हें 1990 के दशक से जानती थी। भले ही हमारी विचारधारा अलग थी फिर भी संसद में हमने कई सौहार्दपूर्ण समय साझा किए। एक उत्कृष्ट राजनीतिज्ञ, नेता और अत्छे इंसान के रूप में हम उन्हें याद करेंगे। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सुषमा जी भारत माता की सच्ची बेटी थीं। उन्होंने भारत माता और देश की सेवा में अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने विदेशों में भारत का मान बढ़ाया। वह कश्मीर घाटी से अनुच्छेद 370 हटने का ही इंतजार कर रही थीं और ऐसा होते ही हमें छोड़कर चली गईं। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचकर भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, बाबुल सुप्रियो और मनोज तिवारी ने अंतिमदर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। बता दें, इस समय स्वराज के घर पर उनके अंतिमदर्शनों के लिए आने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है। आजाद ने कहा- मैं सदमे में हूं। कभी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी वह चली जाएंगी। मैं उन्हें 1977 से जानता था। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात दिल का दौरा पडने से निधन हो गया। घबराहट होने की शिकायत के बाद रात करीब 9.00 बजे सुषमा को एम्स लाया गया जहां काफी प्रयासों के बाद भी उनकी जान नही बचाई जा सकी। सुषमा की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन, परिवाहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई नेता अस्पताल पहुंच गए। बाद में जब सुषमा की मौत की खबर मिली तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वहां पहुंच गए। देर रात तक एम्स इमरजेंसी के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई थी। दिल का दौरा पड़ने से कुछ ही देर पहले सुषमा ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री को लिखा था कि प्रधानमंत्री जी आपका हार्दिक अभिनंदन, मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी। लेकिन उन्हें नही पता था कि शायद यह उनका आखिरी ट्वीट होगा। पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के बाद दूसरी विदेश मंत्री बनी सुषमा स्वराज बेहतरीन वक्ता होने के साथ देश का जाना-माना नाम था।वर्ष 1998 में वह दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी। हालांकि महज 50 दिन में उन्हें मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। 26 मई 2014 से 30 मई 2019 के दौरान वह भारत की विदेश मंत्री रही। विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने खूब ख्याति प्राप्त की। सात बार सांसद और तीन बार विधायक रही सुषमा ने 2019 में हुए आम चुनाव में इलेक्शन लडने से मना कर दिया था। दरअस्ल 2016 में उनकी किडनी ट्रांसप्लांट हुई थी, जिसके बाद उनकी सेहत खराब रहने लगी थी। खराब स्वास्थ्य के कारण उन्होंने चुनाव लगने से मना कर दिया था। निधन से पहले उन्होंने अपना आखिरी ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने अनुच्छेद 370 पर कहा था- प्रधानमंत्री जी आपका हार्दिक अभिनंदन, मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी। प्रधान मंत्री जी – आपका हार्दिक अभिनन्दन. मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी पीएम नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनके जाने से भारतीय राजनीति के एक अध्याय का अंत हो गया है। सुषमा स्वराज जी अपनी तरह की अलग महिला थीं, जो करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत थीं। अप्रैल 1990 में वह राज्यसभा सदस्य बनीं। 1996 में चुनाव जीतकर वह वाजपेयी सरकार में सूचना-प्रसारण मंत्री बनीं। वह दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रहीं। 2014 में वह मोदी सरकार में विदेश मंत्री रही। इस दौरान उनके कामकाज को बेहद सराहा गया। बता दे की उन्होंने २०१९ चुनाव में भाग नही लिया था ।