देश में इंजीनियरिंग कोर्स में इंटर्नशिप अनिवार्य, करिकुलम में भी हुआ बदलाव

एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कोर्स में किए हैं कई बड़े बदलाव





(एनएलएन मीडिया-न्यूज़ लाइव नाऊ) : एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए इस साल से करिकुलम के साथ-साथ प्रेक्टिकल और इंटर्नशिप के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को एक्सपीरियंस हासिल करने के लिए इंटर्नशिप अनिवार्य कर दिया गया है। नए करिकुलम में इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है कि स्टूडेंट्स समय की जरूरतों के हिसाब से ज्ञान हासिल करें और जब कॉलेज से बाहर निकलें तो उनके पास काम करने का पूरा अनुभव हो। मॉडल करिकुलम इसी साल से लागू हो जाएगा और सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों ने इसे लेकर सहमति जता दी है मॉडल करिकुलम में इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है। यह इंटर्नशिप दूसरे सेमेस्टर के बाद समर वेकेशन में 4 से 6 हफ्ते की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होगी। इंटर्नशिप 4 से 6 हफ्ते की होगी जिसमें किसी इंडस्ट्री, सरकारी या गैरसरकारी इंस्टिट्यूशन के साथ काम करके इंटर्नशिप कंप्लीट की जा सकती है। आठवें सेमेस्टर में भी एक प्रोजेक्ट वर्क होगा इंटर्नशिप से अधिकतम 14 क्रेडिट मिलेगी। इंटर्नशिप फुल टाइम भी की जा सकती है और पार्ट टाइम भी। प्रोजेक्ट वर्क, हायर इंस्टिट्यूशन के साथ ट्रेनिंग, सरकारी गैर सरकारी स्टार्टअप या एमएसएमई के साथ इंटर्नशिप, या एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी और कंपटीशन में भागीदारी इंस्टिट्यूट की इनोवेशन सेल में भागीदारी आदि को रिसर्च प्रोजेक्ट में कंपलसरी कर दिया गया है। स्टूडेंट को यह सब कार्य करने होंगे और उन्हें इन सब चीजों में अपनी भागीदारी दिखानी होगी। कोर्स के तहत कम्युनिटी सर्विस में भी लोकल स्कूल को अच्छा रिजल्ट हासिल करना जरूरी बता दिया गया है। इसके तहत लोकल स्कूल को अच्छा रिजल्ट हासिल करने में मदद करना, स्कूल में एनरोलमेंट बढ़ाने में मदद करना, गांव वालों की इनकम बढ़ाने के लिए प्लान तैयार करना, वाटर मैनेजमेंट जैसे सिस्टम बनाना और टूरिज्म बढ़ाने के लिए भी नए प्रयोग करना ऐसी एक्टिविटी में शामिल हो सकते हैं।


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