नहीं सुलझ रहा जापान में मिल रहे Ghost Ships का रहस्य।

आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर से लेकर अब तक इस तरह की 103 बोट ओगा के तट के आसपास प्रशासन को मिली हैं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : जापान के समुद्री तट पर मिले ghost ships प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गए हैं। बीते दो वर्षों में इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी इन ghost ships का उत्तरी कोरियाई कनेक्‍शन भी है। आपको यहां पर बता दें कि जापान के ओगा शहर के समुद्री तट पर इस तरह की नौका सामने आती रही हैं। आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर से लेकर अब तक इस तरह की 103 बोट ओगा के तट के आसपास प्रशासन को मिली हैं। इनमें से 35 शवों की बरामदगी हुई है। इनमें से 13 शवों की पहचान अब तक प्रशासन कर पाने में सफल रहा है, अन्‍य शवों की शिनाख्‍त के लिए भी जरूरी प्रक्रिया चल रही है। इस तरह की नौकाओं में मिलने वाले ज्‍यादातर शव उत्तर कोरियाई लोगों के हैं। ये मछुआरे हैं या कोई और इस बारे में प्रशासन अनभिज्ञ है। लेकिन यहां पर बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि इस तरह से बोट मिलने की बड़ी वजह क्‍या है। उत्तर कोरियाई मछुआरों के शव मिलने से दो बातों पर ध्‍यान दिया जा रहा है। पहला तो ये कि मुमकिन है कि ये मछुआरे समुद्र में रास्‍ता भटक गए हों और किसी हादसे का शिकार हो गए हों। दूसरा ये कि इन्‍होंने जापान में बेहतर जिंदगी गुजारने के लिए समुद्री रास्‍ते से जापान में गैर कानूनी रूप से घुसने का जोखिम उठाया हो लेकिन, बोट किसी हादसे का शिकार हो गई हो। दूसरी वजह को लेकर जानकारों का मानना है कि उत्तर कोरिया में लोगों के बदतर हालात किसी से अछूते नहीं रहे हैं। ऐसे में मुमकिन है कि इन लोगों ने शरणा‍र्थियों की तरह जापान में गुजर बसर करने के लिए वहां जाने का मन बनाया हो। ओगा प्रशासन या जापान की एक समस्‍या ये भी है कि इन शवों को लेकर उत्तर कोरिया से किसी भी तरह की जानकारी नहीं ली गई है। गौरतलब है कि ओगा जापान के अकीता शहर के पास स्थित है। जापान सागर से लगते इस शहर के दूसरे छोर पर उत्तर कोरिया है। उत्तर कोरिया और ओगा के बीच की दूरी करीब एक हजार किमी है।
जापान के तट पर मिल रही लावारिस बोट और इनमें मिले शवों की वजह से ही इन्‍हें ghost ships या भूतिहा जहाज का नाम दिया जा रहा है। ओगा प्रशासन के मुताबिक इस तरह की बोट से अधिकारियों को जो शव मिले हैं वह ज्‍यादातर उत्तर कोरिया के मछुआरों के हैं। इस तरह की कुछ नौकाएं जापान की समुद्री सीमा या तट से कुछ दूरी पर मिली थीं, जिन्‍हें रस्‍सी से खिंचवाकर तट पर लाया गया। प्रशासन का तो यहां तक कहना है कि कुछ बोट में उन्‍हें नरकंकालों के बीच जिंदा इंसान तक मिले, जिनकी हालत मरे हुए इंसान की ही तरह थी। इन्‍हें तुरंत अस्‍पताल भेजा गया। ओगा के तट पर मिली कुछ बोट से बरामद कुछ शव इस कदर सड़ चुके थे कि इनकी शिनाख्‍त तक कर पाना मुश्किल था। जापान के मुछआरे हिरोमी का कहना है कि पिछले वर्ष नंवबर और दिसंबर में भी इस तरह की बोट जापान के समुद्री तट के करीब दिखाई दी थी। इसमें भी कुछ नरकंकाल मिले थे। हिरोमी के मुताबिक नवंबर-दिसंबर के दौरान इस इलाके में प्रचंड सर्दी पड़ती है। ऐसे में समुद्र में कुछ फीट की दूरी पर भी देखपाना बेहद मुश्किल होता है। फिलहाल ओगा प्रशासन ने इस तरह से बोट में मिले शवों से जुड़ी चीजों को शहर के तोसेंजी मंदिर में रखवाया है। इन शवों से मिले डीएनए को भी हिफाजत के साथ रखा गया है।

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