पहली बार हुई रूसी राष्ट्रपति पुतिन और किम जोंग उन की मुलाकात

पुतिन ने उत्तर कोरिया को कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव खत्म करने के लिए मदद देने का भरोसा जताया।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने गुरुवार को पहली बार रूस के व्लादिवोस्तोक में मुलाकात की। पुतिन ने उत्तर कोरिया को कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव खत्म करने के लिए मदद देने का भरोसा जताया। पुतिन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि किम परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिका को इसके लिए सकारात्मक रवैया अपनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए उत्तर कोरिया को सुरक्षा की गारंटी चाहिए। ऐसे में सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय कानून ही उनकी परेशानी सुलझा सकता है।रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि वह इस पूरी चर्चा को अमेरिका के साथ भी साझा करेंगे। किम ने इस बारे में उनसे अपील भी की। पुतिन ने किम से कहा, “आपके दौरे को लेकर मुझे भरोसा है कि हम कोरियाई प्रायद्वीप में चल रहे तनाव को बेहतर तरीके से हल कर पाएंगे। रूस उत्तर कोरिया की हरसंभव मदद करेगा। द्विपक्षीय संबंधों की बात करें तो हमारे बीच अच्छे आर्थिक रिश्ते हैं।”

मुलाकात के लिए पुतिन का आभार जताते हुए किम ने कहा, “मैं पुतिन और बाकी रूसी दोस्तों से मिलकर काफी खुश हूं। मैं पुतिन को हजारों किलोमीटर दूर मॉस्को से यहां चर्चा पर आने के लिए धन्यवाद देता हूं।किम जोंग उन 24 अप्रैल को अपनी निजी ट्रेन से 9 घंटे का सफर तय कर व्लादिवोस्तोक पहुंचे थे। सबसे पहले उनका स्वागत खासान शहर में हुआ। दोनों राष्ट्राध्यक्षों की 8 साल में यह पहली मुलाकात है। आखिरी बार उनके पिता किम जोंग-इल रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव से मिले थे।किम जोंग-उन इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात कर चुके हैं। ट्रम्प और किम की पहली मुलाकात पिछले साल जून में हुई थी, जबकि दूसरी मुलाकात इस साल फरवरी में वियतनाम में हुई। दोनों ही बैठकें सिर्फ उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की मांग के साथ बेनतीजा खत्म हुईं। ट्रम्प ने किम की आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने की बात नहीं मानी।माना जा रहा है कि ट्रम्प-किम की मुलाकात के बाद उत्तर कोरिया के हालात स्थिर हुए हैं। हालांकि, उसकी आर्थिक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसी के चलते अब किम रूस से मदद मांग सकते हैं। रूस भी उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम खत्म करने में सहयोग बढ़ा सकता है

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