पाकिस्तानी आतंकी इस्तेमाल कर रहे हैं स्टील बुलेट, भेद सकती है बुलेट प्रूफ़ जैकेट

यह बुलेट जवानों द्वारा इस्‍तेमाल की जाने वाली बुलेट प्रूफ शील्ड को भेदने में कारगर हैं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पाकिस्‍तानी सेना द्वारा आतंकियों को मदद करना कोई नई बात नहीं है। न ही इन दोनों से चीन का कनेक्‍शन ही कुछ नया है। नया सिर्फ इतना ही है कि चीन की मदद जो पाकिस्‍तान की सेना को दी जा रही है वह सेना के रास्‍ते आतंकियों तक पहुंच रही है। इनमें से ही एक है चीन से पाकिस्‍तान की आर्मी को सप्‍लाई की जा रही स्‍टील बुलेट। आतंकियों द्वारा इस्‍तेमाल की जा रही स्‍टील बुलेट (Armour Piercing, AP)अब भारतीय सुरक्षाबलों के लिए घातक साबित हो रही हैं। यह बुलेट जवानों द्वारा इस्‍तेमाल की जाने वाली बुलेट प्रूफ शील्ड को भेदने में कारगर हैं। यह बुलेट तीन से चार इंच मोटे सुरक्षा कवच को भी भेद सकती है।स्‍टील बुलेट को लेकर यदि इतिहास को खंगाला जाए तो पता चलता है कि स्विस आर्मी के कर्नल एडवार्ड रुबिन ने इसको पहली बार 1882 में बनाया था। हालांकि इसका पहली बार इस्‍तेमाल 1886 में फ्रांस में विद्रोहियों के खिलाफ किया गया था। इस तरह की बुलेट नाटो सेना जरूर करती हैं। इसके अलावा जो देश जिनेवा कंवेंशन का हिस्‍सा हैं उनको भी इस तरह की बुलेट का इस्‍तेमाल करने की इजाजत है। आपको यहां पर बता दें कि इस तरह की बुलेट आमतौर पर हथियारों के बाजार में नहीं मिलती हैं। यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि डोकलाम में चीनी सेना के साथ तनातनी के दौरान भी जवानों को यह जैकेट उपलब्ध कराई गई थीं। दरअसल, भारत को आशंका थी कि चीन भारतीय सैनिकों पर इनका इस्‍तेमाल कर सकता है। लेकिन उस वक्‍त बिना एक गोली चले मामला सुलझ गया था। इसके अलावा कांगो और सूडान में विद्रोहियों द्वारा नए स्टील बुलेट के इस्तेमाल की सूचना के बाद वहां संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत तैनात भारतीय सैनिकों के लिए नए जैकेट भेजे गए थे।आपको बता दें कि 31 दिसंबर 2017 को आतंकियों से मुकाबले के दौरान सीआरपीएफ के जो पांच जवान शहीद हुए थे उनके शरीर से यही बुलेट बरामद हुई हैं। ये बुलेट उनके द्वारा इस्‍तेमाल की गई बुलेट प्रूफ शील्‍ड को पार करती हुई उनके शरीर में घुस गई थी। यह इसलिए भी खास है क्‍योंकि इस तरह की बुलेट का सेनाओं के पास भी होना कोई आम बात नहीं है। इस दौरान पहली बार इस तरह की बात सामने आई थी। इसी दौरान इंटेलिजेंस की रिपोर्ट ने इस बात का भी खुलासा किया था कि इन बुलेट को बनाने में जिस स्‍टील का इस्तेमाल किया गया वह चीन द्वारा पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी को दिया गया था।

Comments (0)
Add Comment