पाक हवाई क्षेत्र में से नहीं उड़ सकते एयर इंडिया के विमान, हुआ 300 करोड़ का नुकसान

पाक हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से नई दिल्ली से यूरोप, अमेरिका और गल्फ देशों जाने वालीं उड़ानों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान द्वारा हवाई सीमा पर रोक लगाने का असर भारतीय एयरलाइंस पर भी पड़ रहा है। इसके चलते एयर इंडिया को अब तक करीब 300 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। पाक हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से नई दिल्ली से यूरोप, अमेरिका और गल्फ देशों जाने वालीं उड़ानों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। दिल्ली से अमेरिका की उड़ान 2-3 घंटे का अतिरिक्त समय ले रही हैं। इसी तरह यूरोप जाने वालीं फ्लाइट में भी 2 घंटे का ज्यादा वक्त लग रहा है।पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाक में घुसकर हमला किया था। इसके बाद से पाक ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर रखा है। इसी के चलते एयर इंडिया की उड़ानों को अब ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है। एयरलाइन को एक्स्ट्रा फ्यूल, केबिन स्टॉफ और उड़ानों की संख्या कम होने के चलते हर रोज करीब 6 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

एयर इंडिया इस मामले में नागरिक उड्डयन मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया है। एयरलाइन ने मांग की है कि पाक क्षेत्र बंद होने की वजह से जो नुकसान हो रहा है, उसे उसका मुआवजा दिया जाए। मंत्रालय के एक अफसर ने बताया कि एयर इंडिया ने इस मामले में हमसे संपर्क किया है। इसे सभी संबंधितों के साथ इस पर चर्चा जारी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी पाक की हवाई सीमा का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं। इससे रोजाना 350 से ज्यादा फ्लाइट्स प्रभावित हो रही हैं। हवाई कंपनियों को उत्तर से दक्षिण जाने के लिए लंबे और घुमावदार हवाई मार्ग को चुनना पड़ रहा है। अब इनमें से ज्यादातर उड़ानें ओमान के हवाई क्षेत्र से होकर गुजर रही हैं। इससे मस्कट के एयर ट्रैफिक में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस वजह से ईंधन ज्यादा लग ही रहा है। फ्लाइट्स का समय भी एक से तीन घंटे तक बढ़ गया है।एयर स्ट्राइक से पहले दिल्ली से यूरोप जाने वाली उड़ानें पाक की हवाई सीमा के ऊपर से गुजरती थीं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 19-26 फरवरी और 3-9 अप्रैल के बीच दिल्ली से एम्सटर्डम (दोनों साइड) की सभी 34 उड़ानों का अध्ययन किया। इसके नतीजे बताते हैं कि अप्रैल से उड़ानों की दूरी में 22% की वृद्धि देखी गई है। औसत एक फ्लाइट को 913 किमी ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है। इस वजह से औसतन हर फ्लाइट्स दो घंटे ज्यादा देरी से चल रही हैं।

एयर इंडिया ने बताया कि इस रोक से रोजाना 21 उड़ानें प्रभावित हो रही है। इनमें मिडिल ईस्ट, यूरोप और अमेरिका की उड़ानें भी शामिल हैं। मार्ग बदलने से यूरोप से अमेरिका जाने का समय एक से तीन घंटे तक बढ़ गया है। इसमें फ्यूल भरवाने और क्रू बदलने में लगने वाला समय भी शामिल है। भार कम करने के लिए यात्रियों को अतिरिक्त सामान ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।शनिवार को हुए एयर इंडिया के सिस्टम के सर्वर डाउन का असर रविवार को भी दिखा। इसके चलते रविवार को करीब 137 उड़ानों में औसत 3 घंटे से ज्यादा की देरी हुई। इससे पहले शनिवार को एयर इंडिया का सर्वर 5 घंटे डाउन रहा था। इस वजह से शनिवार को 155 उड़ानों में औसतन 2 घंटे की देरी हुई थी।

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