पुलवामा में हमले से पहले जैश-ए-मुहम्मद ने दी थी ट्विटर पर धमकी !

अधिकारियों ने बताया कि उस ट्विटर हैंडल का लिंक और उस पर अपलोड 33 सेकंड का एक वीडियो भी सभी एजेंसियों को भेजा गया था।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने ट्विटर पर सोमालिया में एक आत्मघाती हमले का वीडियो अपलोड कर कश्मीर में ऐसे ही हमले दोहराने की चेतावनी दी थी। इस बात की पुख्ता जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के पास भी थी। राज्य पुलिस ने सुरक्षाबलों पर बड़े आत्मघाती हमले के संदर्भ एक निजी ट्विटर हैंडल पर अपलोड धमकी और खुफिया तंत्र द्वारा जुटाई गई सूचनाओं के संदर्भ में तमाम सुरक्षा एजेंसियों को अवगत भी कराया था।अधिकारियों ने बताया कि उस ट्विटर हैंडल का लिंक और उस पर अपलोड 33 सेकंड का एक वीडियो भी सभी एजेंसियों को भेजा गया था। इस वीडियो में सोमालिया में सुरक्षाबलों पर आतंकी हमला दिखाया गया है और ऐसा ही हमला गुरुवार को पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर हुआ। इस ट्विटर हैंडल का नाम @XVV_get है, जो सार्वजनिक तौर पर कोई नहीं देख सकता। इसमें वीडियो के साथ लिखा था इंशाल्लाह कश्मीर में भी यही होगा।यह कहां से ऑपरेट हो रहा है, यह सुरक्षाबलों के लिए पता करना मुश्किल साबित हो रहा है। क्योंकि इसका ऑपरेटर वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल कर रहा है। इस वीडियो को दो दिन पहले भी विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की बैठक में दिखाया गया था। इसके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकियों द्वारा हमले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तौर तरीके के आधार पर भी एक डमी वीडियो तैयार किया था।
हमले में शामिल आतंकियों को सीआरपीएफ के जवानों के काफिले के गुजरने की पूरी जानकारी पहले से होने की आशंका से जांच अधिकारी इन्कार नहीं कर रहे हैं। हालांकि कोई नहीं बोल रहा है, लेकिन कुछ अधिकारियों का मानना है कि हो सकता है कि किसी ने जवानों की मूवमेंट के बारे में सूचना लीक की हो। एक साथ ढाई से तीन हजार जवानों की मूवमेंट के दौरान एसओपी के उल्लंघन की आशंका रहती है। इसलिए इस पहलू को भी देखा जा रहा है।इसके अलावा इतनी बड़ी तादाद मे जब जवानों की मूवमेंट होती है तो बहुत से अधिकारी व जवान और कई अन्य लोग संबधित प्रक्रिया का हिस्सा रहते हैं। उन्हें पता रहता है कि काफिला कब कहां से गुजरेगा, सिक्योरिटी डिटेल क्या है। इसलिए यह जानकारी आतंकियों के पास पहुंचने की आशंका को नहीं नकारा जा सकता।

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