प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को अरेस्ट करने की मांगी इजाजत।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार को ईडी के तरफ से पेश होते हुए विशेष जज अजय कुमार कुहार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यह पाया है कि चिदंबरम से हिरासत में पूछताछ की जरूरत है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ने जा रहीं हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की एक अदालत से आईएनएक्स मीडिया से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम को अरेस्ट करने की इजाजत मांगी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार को ईडी के तरफ से पेश होते हुए विशेष जज अजय कुमार कुहार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यह पाया है कि चिदंबरम से हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। मेहता ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग एक अलग अपराध है और एजेंसी ने चिदंबरम की गिरफ्तारी व रिमांड की मांग की। इसका चिदंबरम की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा, ‘सीबीआई पहले से ही पेमेंट और विदेश में मौजूद कंपनियों को लेकर जांच कर ही है, जिसमें अब ईडी जांच करना चाहती है।’ सिब्बल ने अपील की कि कोर्ट को अपने आदेश को याद करना चाहिए जिसमें तिहाड़ अथॉरिटी को निर्देश दिए गए थे कि वह चिदंबरम को सामने पेश करे। प्रक्रिया जारी है। चिदंबरम 17 अक्टूबर तक सीबीआई द्वारा फाइल केस में न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिदंबरम की प्रोडक्शन वॉरंट की मांग की थी। जांच एजेंसी ने अपनी याचिका में कहा कि आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम से हिरासत में पूछताछ किए जाने की जरूरत है।

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