बरेली (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने 11 अगस्त को जारी किए गए अपने सर्कुलर में कहा है कि सभी मदरसे 15 अगस्त को तिरंगा फहराएं और राष्ट्रगान गाएं. अब खबर है कि बरेली के काजी ने शहर के मदरसों से कहा है कि वे स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाएं तो सही लेकिन ‘राष्ट्रगान गाए बगैर.’
खान ने कहा है कि यह योगी सरकार का तुगलकी फरमान है. राष्ट्रगान में कुछ शब्द ऐसे हैं जो अल्लाह के प्रति गैरवफादारी प्रदर्शित करता है. हम निश्चित तौर पर आजादी का समारोह बनाएंगे लेकिन मदरसों में हम राष्ट्रगान नहीं गाएंगे. जमात रजा ए मुस्तफा के स्पोक्सपर्सन नासिर कुरेशी ने यह न्यूज एजेंसी एएनआई को कहा.
बता दें कि यूपी मदरसा शिक्षा परिषद ने इस बाबत सर्कुलर जारी किया है जिसमें कहा गया है कि कार्यक्रमों के वीडियो भी बनाए जाएं फोटो भी ली जाएं. सर्कुलर के मुताबिक, सुबह 8 बजे तिरंगा फहराए जाने और राष्ट्रगान गाने के निर्देश दिए गए हैं. स्टूडेंट्स को राष्ट्रवादी गीत गाने और 15 अगस्त के इतिहास पर विचार विमर्श के निर्देश दिए गए हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी मदरसों को निर्देश दिया है कि वे स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन करें और इसकी वीडियोग्राफी करवाएं. देश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में स्थित सभी मदरसों में आगामी स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रगान गाने और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये हैं.
चौधरी से संबद्ध राज्य मंत्री बल्देव सिंह औलख ने आदेश का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई के लिए चेताया है. चौधरी ने बताया कि देश के तमाम नागरिक होली, दीपावली, ईद और लोहड़ी के त्यौहार मनाते हैं. वहीं स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस को पूरा देश मनाता है. मदरसों को इससे अलग नहीं किया जाना चाहिये. औलख ने चेताया, ‘हमने सभी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराने को कहा है. हम कभी भी जांच कर सकते हैं कि किस मदरसे ने समारोह मनाया और किसने नहीं. यदि कोई मदरसा इसे (आदेश) नहीं मानता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.’