(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): ब्रिटेन में सबसे अधिक समय तक राजशाही की कमान संभालने वालीं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद सोशल मीडिया पर कोहिनूर हीरा भारत वापस किये जाने की मांग फिर से उठ रही हैं। औपनिवेशिक कालखंड में यह ब्रिटेन के हाथ लग गया था और अब ऐतिहासिक स्वामित्व विवाद का विषय बना हुआ है जिस पर भारत समेत कम से कम चार देश दावा करते हैं। हालांकि उच्चतम न्यायालय में भारत सरकार का रुख था कि करीब 20 करोड़ डॉलर कीमत वाला यह हीरा ना तो चुराया गया और ना ही अंग्रेज शासक इसे जबरन ले गये, बल्कि पंजाब के पूर्ववर्ती शासकों ने इसे ईस्ट इंडिया कंपनी को दिया था।
इसी बीच ओडिशा स्थित जगन्नाथ सेना ने दावा किया है कि कोहिनूर हीरा मूल रूप से भगवान जगन्नाथ का है और उन्होंने इसकी मांग की है। जगन्नाथ सेना संयोजकपिकू पटनायक ने एक ज्ञापन में कहा कि कोहिनूर हीरा जगन्नाथ भगवान का है लेकिन अब यह इंग्लैंड की महारानी के पास है। कृपया हमारे प्रधानमंत्री से भगवान जगन्नाथ के लिए इसे भारत लाने के लिए कदम उठाने का अनुरोध है।इतना ही नहीं जगन्नाथ सेना ने हीरा वापस लाने में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्तक्षेप की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह ने अपनी इच्छा से इसे भगवान जगन्नाथ को दान कर दिया था।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद प्रिंस चार्ल्स के राजगद्दी संभालने के साथ ही 105 कैरेट का हीरा उनकी पत्नी डचेस कॉर्नवॉल कैमिला के पास जाएगा। कोहिनूर को एक समय दुनिया का सबसे बड़ा हीरा होने का दावा किया गया था जिसका वजन 158.6 ग्राम है। भारत में कोहिनूर को वापस लाने की कई बार मांग उठ चुकी है। लेकिन ब्रिटेन ने यह हीरा देने से हमेशा इनकार किया है।