भारत के प्रभाव की वजह से कश्मीर मसले पर बात नहीं करते अन्य देश: मसूद खान

पाकिस्तान के पूर्व शीर्ष राजनयिक और अब पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के ‘राष्ट्रपति’ मसूद खान का कहना है कि भारत के बढ़ रहे प्रभाव और उसके आर्थिक शक्ति होने की वजह से पश्चिम के देश संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मसला उठाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।




संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत मसूद खान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कश्मीर के मौजूदा हालात से रूबरू कराने के अपने प्रयास के तहत वाशिंगटन आए हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई दोनों पड़ोसियों के बीच बातचीत में भारत का कहना ही सर्वोच्च माना जाता है, उसे वीटो जैसा अधिकार है।

शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल में एक सवाल के जवाब में खान ने कहा कि भारत की कुछ देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी है। चूंकि भारत पश्चिम के शक्तिशाली देशों को लुभावने सौदे की पेशकश करता है, इसलिए कश्मीर मसले पर बातचीत को लेकर ‘गैग ऑर्डर’ (प्रतिबंध आदेश) जैसी स्थिति पैदा हो गई है।


खान ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के बढ़ते प्रभाव की वजह से ही वाशिंगटन डीसी, ब्रसेल्स, लंदन और दूसरे देशों की राजधानियों में कश्मीर मसले पर बातचीत नहीं होती है क्योंकि इससे संबंधित देशों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र भी इन्हीं वजहों से जम्मू-कश्मीर मसले पर संज्ञान नहीं ले रहा है।

Comments (0)
Add Comment