(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पूरी दुनिया में आज भी साढ़े चार करोड़ से ज्यादा लोग गुलामी की जंजीरों में जकड़े हुए हैं। ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स 2016 के मुताबिक दुनिया के 167 देशों में साढ़े चार करोड़ से ज्यादा लोग गुलाम हैं। चौंकाने वाले आंकड़े ये हैं कि दुनिया में हर चार गुलामों में एक बच्चा शामिल है। पश्चिमी अफ्रीका में आज भी गुलामी की समस्या लगातार बढ़ रही है। सेक्स तस्करी और जबरन शादी से लेकर बंधुआ मजदूरी गुलामी में आते हैं। वॉशिंग्टन पोस्ट के मुताबिक अमेरिका में 60 हजार लोग गुलाम हैं, तब जबकि कैदियों के श्रम को न गिना जाए।125 करोड़ की आबादी वाले भारत में सबसे ज्यादा लोग गुलाम हैं। भारत की 1.4 फीसदी आबादी यानी 1 करोड़ 83 लाख से ज्यादा लोग आधुनिक गुलामी की जंजीरों में जकड़े हुए हैं। यहां बंधुआ मजदूरी, बाल श्रम, जबरन शादी, जिस्मफरोशी और अन्य रूपों में गुलामी की परंपरा जारी है। श्रम मंत्रालय का दावा है कि 2030 तक 1 करोड़ 80 लाख बंधक मजदूरों का छुड़ा लिया जाएगा।पश्चिमी अफ्रीका का मॉरिटैनिया देश जो कि घोषित इस्लामिक देश है, 1981 में दुनिया का वह आखिरी देश बना था जहां गुलामी को गैरकानूनी माना गया। इसके बावजूद 2007 तक यहां गुलामी के खिलाफ किसी तरह का कोई कानून पास नहीं हो सका। ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स की 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक यहां 1 फीसदी से ज्यादा आबादी गुलाम है और कई बच्चे गुलामी में पैदा हो रहे हैं। जबकि एसओएस स्लेवरी के मुताबिक यहां 20 फीसदी आबादी गुलाम है।उजबेकिस्तान की करीब 4 फीसदी आबादी गुलाम है। जीएसआई की 2016 की रिपोर्ट के अनुसार ये आंकड़ा दिया गया है। यह देश कपास के उत्पादन के लिए मशहूर है और लेकिन इसी कपास में हर साल करीब 10 लाख लोग बंधुआ मजदूरों की तरह काम करने पर मजबूर हैं।चीन में करीब 34 लाख लोग आधुनिक गुलामी के शिकार हैं। जीएसआई 2016 की रिपोर्ट के अनुसार ये कहा गया है। यहां बच्चों का गैरकानूनी श्रम और गुलाम बच्चों पर ज्यादतियां सुर्खियों में रहती हैं। इसके अलावा बच्चों और महिलाओं की जबरन शादी और सेक्स कारोबार में उनका शोषण भी गंभीर मुद्दा है ।जीएसआई की 2016 की रिपोर्ट की मानें तो उत्तर कोरिया देश की 4.37 फीसदी आबादी गुलामी में जीने को मजबूर है। 2015 में, संयुक्त राष्ट्र की एक जांचकर्ता का अनुमान था कि 50 हजार नागरिकों को कई तरह के उद्योगों में गुलामी के लिए चीन, रूस या मिडिल ईस्ट जैसे देशों में भेजा जाता है।नवबंर 2017 में सीएनएन की एक रिपोर्ट ने दुनिया भर में हंगामा मचाया था जब 400 डॉलर प्रति व्यक्ति कीमत पर दो लीबियाई युवकों को नीलाम किए जाने का वीडियो जारी हुआ था। 2016 में, पाया गया था कि लीबिया की 1.13 फीसदी आबादी गुलाम है।