मोदी बेमिसाल हैंं, भारत में बदलाव मुमकिन है: इवांका

हैदराबाद. नरेंद्र मोदी और इवांका ट्रम्प ने यहां मंगलवार को आठवें इंटरनेशनल ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप समिट का इनॉगरेशन किया। इस मौके पर इवांका ने कहा- ‘‘शुक्रिया। यूएस और 150 देशों की ओर से मैं भारत और हैदराबाद का शुक्रिया अदा करती हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी शुक्रिया। जब से आप प्रधानमंत्री चुने गए हैं, आपने ट्रांसफॉर्मेशन को साबित किया है। आपने जो एचीव किया, वो बेमिसाल है। यही बदलाव आप देश के करोड़ों लोगों में ला रहे हैं।’’ 30 नवंबर तक चलने वाली समिट की थीम- ‘वुमेन फर्स्ट, प्रॉस्पेरिटी फॉर ऑल’ है।

 मोदी बेमिसाल हैंं: इवांका ट्रम्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में इवांका ने कहा, ‘‘आप यहां जो अचीव कर रहे हैं, वह बेमिसाल है। बचपन में चाय बेचने से लेकर आपके भारत का प्रधानमंत्री बनने तक के सफर से आपने यह साबित कर दिया है ट्रांसफॉर्मेशन चेंज मुमकिन है। व्हाइट हाउस में भारत का सच्चा दोस्त मौजूद है। भारत दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ती इकोनॉमी है।

प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। आपने नई यूनिवर्सिटीज खोली हैं। आपके डॉक्टर्स लाइफ सेविंग मेडिसिन बना रहे हैं। भारत के स्पेसक्राफ्ट चांद और मंगल तक जा रहे हैं। भारत के लोग हमें इन्सपायर कर रहे हैं। मैं अपने देश के विदेश मंत्रालय और भारत के अफसरों का भी शुक्रिया अदा करती हूं। अब हो सकता है कि दुनिया भी आपकी बिरयानी का स्वाद चखे। इनोवेटर्स हैदराबाद में रहते हैं। कुछ ही किमी की दूरी पर एशिया का सबसे बड़ा इन्क्यूबेटर शुरू होने वाला है। यहां के लोग हमेशा एक अच्छे कल के लिए कोशिशें करते हैं।

आंत्रप्रेन्योर्स की हमारी इकोनॉमी को आगे बढ़ा रहे हैं। इसलिए हम आज यहां जमा हुए हैं। आंत्रप्रेन्योर्स दिन-रात एक ऐसी कामयाबी के लिए काम कर रहे हैं जिससे करोड़ों लोगों की जिंदगी में बदलाव आ सकता है। आप अपना भविष्य बनाने के लिए यहां हैं। मैं खासतौर पर वुमन आंत्रप्रेन्योर्स का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। जब महिलाएं तरक्की करती हैं तभी देश या सोसाइटी अपने शिखर पर पहुंचती हैं।

2014-16 के बीच वुमन आंत्रप्रेन्योर्स 10 फीसदी बढ़ी
मेरे पिता के प्रेसिडेंट बनने के बाद मुझे उनके बिजनेस में काम करने का मौका मिला। इसके जरिए मैं कई लोगों को एम्पावर करने की कोशिश कर रही हूं। हम ऐसी पॉलिसीज पर काम कर रहे हैं जिससे आंत्रप्रेन्योर्स तरक्की कर सकें। दुनियाभर में 2014-16 के बीच वुमन आंत्रप्रेन्योर्स 10 फीसदी बढ़ी हैं। माइनॉरिटी वुमन भी आंत्रप्रेन्योर्स बन रही हैं। यूएस में 10 लाख आंत्रप्रेन्योर्स हैं जो 90 लाख लोगों को नौकरियां दे रही हैं। महिलाएं आज बेमिसाल मुकाम हासिल कर रही हैं। महिलाएं गैप को भरने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। वे अपना बिजनेस स्टार्ट करने, उसे बढ़ाने में कामयाब हो सकती हैं

1500 महिलाओं को देखकर मुझे फख्र है

इस तरह की इवेंट में पहली बार 1500 महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। ये मेजॉरिटी है। मुझे ये देखकर फख्र हो रहा है। एक ऐसी ऐतिहासिक सिटी में होना गर्व की बात है, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया में चमक रही है. जब हमारी महिलाएं सशक्त होगीं, तभी हमारे परिवार और हमारी इकोनॉमी और हमारा समाज पूरी तरह से अपना पूरा सामर्थ्य हासिल कर पाएगा।”

देश की तरक्की महिलाओं से ही होगी

यूएस स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ने इस साल महिलाओं को दिए जाने वाले कर्ज को बढ़ाकर 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा कर दिया है। कुछ देशों में महिलाओं के प्रॉपर्टी रखने, अकेले फैसले लेने या बिना पुरुषों के बाहर जाने पर पाबंदी रहती है। लेकिन यूएस में ऐसा नहीं है। इस साल जी-20 समिट में यूएस ने वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर वुमन आंत्रप्रेन्योरशिप इनिशिएटिव शुरू किया है। जब महिलाएं आंत्रप्रेन्याेर बनती हैं तो वे पुरुषों के मुकाबले ज्यादा महिलाओं को हायर करती हैं। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद हैं। हम मानते हैं कि देश की तरक्की महिलाओं से ही होगी। अगर भारत में वर्कफोर्स में जैंडर गैप कम हो जाए तो इकोनॉमी पर 150 अरब डॉलर का फर्क जाएगा।’’

यहां रेयान है जो महज 15 साल की है। वह रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए काम कर रही हैं। रेयान जैसी महिलाएं हर आंत्रप्रेन्योर्स की कहानी को बयां करती हैं। ये महिलाएं लोगों की जिंदगी बचा रही हैं और उनकी जिंदगी को बदल रही हैं। महिलाएं और पुरुष बड़ा सपना देखने और बड़े मकसद को हासिल करने के लिए बने हैं। वे दोनों मिलकर दुनिया को बन सकते हैं।

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