(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : इससे पहले भारतीय रक्षा मंत्रालय ने कलाशनिकोव कंसर्न के प्रस्ताव को यह कहकर अस्वीकार कर दिया था कि एके-103 राइफल अडानी ग्रुप के साथ मिलकर बनाई जाएगी। अडानी ग्रुप ने हाल ही में रक्षा सेक्टर में कदम रखा है। एके-103, 7.62×39 एमएम की बंदूक है। इसे एके-47 की तरह क्षमता वाला ही माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, “अगर राइफल के लिए रूस और भारत सरकार में कोई डील होती है तो निजी क्षेत्र की कंपनियों से समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता।” सरकार ने फ्रांस के 36 राफेल विमान बनाने को लेकर अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस के साथ 59 हजार करोड़ रुपए का समझौता किया है। राफेल डील से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को बाहर रखा गया। इसको लेकर राहुल गांधी संसद और कई सभाओं में सरकार पर आरोप लगा चुके हैं। लिहाजा एके-103 प्रोजेक्ट को लेकर सरकार कोई विवाद नहीं चाहती।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आर्मी ने 6.5 लाख एके-103 बंदूकों के लिए आवेदन भेजा है। आने वाले सालों में ये बंदूकें 12 हजार करोड़ रुपए में मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बनाई जाएगी।