रोकी गई चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग, नई तारीख की घोषणा होगी जल्द।

चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को टाले जाने को डीआरडीओ के सार्वजनिक इंटरफेस के पूर्व निदेशक रवि गुप्ता ने सही कदम बताया है। उनके मुताबिक, चंद्रयान 2 लॉन्च को बंद करना सही निर्णय था।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : भारत के बहुप्रतीक्षित मिशन चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग को तकनीकी कारणों से फिलहाल रोक दिया गया है। चंद्रयान-2 सोमवार तड़के 2 बजकर 51 मिनट पर उड़ान भरने वाला था, लेकिन तय उड़ान से 56 मिनट 24 सेकेंड पहले तकनीकी खराबी की वजह से इसकी लॉन्चिंग को टाल कर दिया गया। लॉन्चिंग की नई तारीख की घोषणा अब बाद में की जाएगी। मिशन को रोके जाने के कुछ देर बाद इसरो की ओर से बयान जारी किया गया। इसरो के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) गुरुप्रसाद ने बताया, ‘ लॉन्च व्हीकल सिस्टम में लॉन्चिंग से करीब एक घंटे पहले तकनीकी खराबी आ गई। इस कारण एहतियान आज चंद्रयान 2 मिशन की लॉन्चिंग को टाल दिया गया है। लॉन्चिंग की नई तारीख की घोषणा अब बाद में की जाएगी।’ देश की वैज्ञानिक बिरादरी ने इसरो के इस कदम को बिल्कुल सही बताया है। तमाम वैज्ञानिकों की ओर से इसको लेकर बयान सामने आए हैं। इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस के पूर्व निदेशक जी बालाचंद्रन ने चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को टाले जाने पर कहा है कि यह बहुत सामान्य बात है। उनके मुताबिक अगर चंद्रयान में कोई भी खराबी तो इसे मिशन पर ऐसे ही नहीं भेज सकते। चंद्रयान-2 पर 1000 करोड़ से ज्यादा का खर्च हुआ है। अब ये वैज्ञानिकों के विश्लेषण पर छोड़ देना चाहिए कि क्या इसमें कोई साधारण परेशानी है या कोई जटिल समस्य़ा। चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को टाले जाने को डीआरडीओ के सार्वजनिक इंटरफेस के पूर्व निदेशक रवि गुप्ता ने सही कदम बताया है। उनके मुताबिक, चंद्रयान 2 लॉन्च को बंद करना सही निर्णय था। उनके मुताबिक, इतने बड़े मिशन में हम कोई मौका नहीं ले सकते थे। हर हिस्से की कई दौर की टेस्टिंग की जाती है। मिशन के हर पहलू पर हर सेकेंड नजर रखने की जरूरत है। अंतरिक्ष वैज्ञानिक गौहर रजा ने कहा है कि यह वैज्ञानिक फैसला है, इसमें निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। यह 70 साल के अनुभव का नतीजा है कि तय समय पर खराबी को पकड़ लिया गया। अन्यथा ऐसे रॉकेट व यान का प्रक्षेपण किसी बम से कम नहीं होता है। गड़बड़ी को समय रहते पकड़ना भी बहुत बड़ी बात है। वैज्ञानिक जल्द ही देश को मिशन रोकने की विधिवत जानकारी देंगे। करीब एक माह का वक्त मिशन दोबारा लांच करने में लग सकता है। उन्होंने बताया कि यान में यदि ईधन का लीकेज हो रहा है तो उसे दुरस्त करना होगा। एक माह तक यान में ईधन को भर कर नहीं रखा जा सकता है।

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