(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : कांग्रेस के दो नेताओं के संबंधियों से आज ईडी के दफ्तर में पूछताछ होनी है। वाड्रा जहां मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूछताछ के दूसरे राउंड के लिए ईडी दफ्तर पहुंच चुके हैं, वहीं पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में पूछताछ के लिए पेश हुए हैं। बुधवार को भी वाड्रा से ईडी ने करीब 6 घंटे तक पूछताछ की थी। सूत्रों का कहना है कि वाड्रा से ईडी ने उनकी लंदन की प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी मांगी गई थी। साथ ही संजय भंडारी नाम के कारोबारी से उनके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की गई। ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा से कुठ ईमेल्स को लेकर भी जानकारी मांगी थी। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रहा है। ईडी इस मीडिया ग्रुप को 2007 में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से क्लियरंस दिए जाने की जांच कर रही है। ईडी की जांच में पता चला है कि एफआईपीबी से मंजूरी के लिए आईएनएक्स मीडिया के डायरेक्टरों पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी ने पी. चिदंबरम से मुलाकात की थी। इस मामले में ईडी ने चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और एक फर्म से जुड़ी 54 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया है। इसके अलावा, एजेंसी ने पीटर मुखर्जी से जुड़ी कुछ संपत्तियों को भी जब्त किया है। वहीं वाड्रा को दिल्ली के एक कोर्ट ने अग्रिम जमानत दी है, लेकिन कोर्ट ने सख्त निर्देश दिया था कि उन्हें पूछताछ में पूरा सहयोग करना होगा। बुधवार को प्रियंका गांधी ने औपचारिक तौर पर कांग्रेस महासचिव की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन उससे पहले वह अपने पति को ईडी दफ्तर छोड़ने भी गईं। कुछ वक्त पहले तक कांग्रेस वाड्रा के सवालों पर दूरी बरत रही थी, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि पार्टी इसके बहाने मोदी सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगा सकती है। हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाली प्रियंका गांधी न सिर्फ वाड्रा को ED ऑफिस छोड़ने गईं बल्कि यह भी साफ कर दिया कि वह पति और परिवार के साथ खड़ी हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने तेवरों से साफ कर दिया कि जल्द ही कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक मंच पर एक बड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। कांग्रेस ने उस वक्त वाड्रा को एक ‘प्राइवेट नागरिक’ बताया था जिनका पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं। इस बात का फायदा उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के लोकसभा के चुनाव के दौरान वाड्रा के खिलाफ जमकर प्रचार किया। इसके बाद स्थिति बदलने लगी जब कांग्रेस ने उनके खिलाफ मामलों को ‘राजनीतिक दुर्भावना’ बताना शुरू किया और वाड्रा का समर्थन किया। जिस दिन प्रियंका ने औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया और केंद्र पर हमला बोला, उसके बाद से पार्टी वाड्रा से और भी ज्यादा जुड़ गई।