लाहौल : हिमखंड गिरने से एक पुल और चार ढाबे हुए क्षतिग्रस्त

लाहौल में रविवार को तांदी पुल के पास हिमस्खलन से चार ढाबे और रन शेल्टर दब गया।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) :हिमाचल में दो दिन पहले हुई बारिश-बर्फबारी से दुश्वारियां अभी तक खत्म नहीं हुई हैं। बर्फबारी भले ही थम गई हो, लेकिन लाहौल समेत जनजातीय इलाकों में हिमखंडों के गिरने का दौर जारी है। लाहौल में रविवार को तांदी पुल के पास हिमस्खलन से चार ढाबे और रन शेल्टर दब गया। तिंदी में ठंका नाले पर बना बीआरओ का 80 फीट लंबा पुल भी ध्वस्त हो गया।यह पुल केलांग को चंबा के किलाड़ से जोड़ता है। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। चंबा जिले में आधा दर्जन घर, गोशालाएं, एक स्कूल और घराट ढह गए हैं। बारिश-बर्फबारी से प्रदेश के अन्य इलाकों में करोड़ों का नुकसान हुआ है। उधर, खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने प्रदेश के सभी शीतकालीन स्कूलों में दो दिन छुट्टियां और बढ़ा दी हैं। सोमवार की जगह इन इलाकों में स्कूल – कॉलेज अब 13 फरवरी को खुलेंगे।
बर्फबारी थमने के दो दिन बाद भी प्रदेश की 547 छोटी-बड़ी सड़कें बहाल नहीं हो पाई हैं। करीब 400 रूटों पर सोमवार को भी बसें नहीं चलीं। शिमला- रामपुर नेशनल हाईवे को बहाल कर दिया है, लेकिन वाहन स्किड होने का खतरा बना है। जिला चंबा, शिमला, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिले की अधिकांश सड़कें बंद हैं। पीडीब्ल्यूडी को अभी तक 146 करोड़ का नुकसान हो चुका है। कुल्लू में 50 सड़कें, 150 बिजली के ट्रांसफार्मर और 40 पेयजल स्कीमें ठप हैं।लाहौल घाटी अभी भी अंधेरे में है। बिजली के अलावा यहां सड़क, पानी और दूरसंचार सेवाएं भी ठप हैं। चंद्रभागा में हिमखंड गिरने से दो दिन तक नदी का बहाव रुक रहा। एसडीएम उदयपुर सुभाष गौतम ने बताया कि लाहौल की तमाम पंचायतों में हिमखंड गिरने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। चंबा के भरमौर में सेब के सैकड़ों पेड़ ढह गए हैं। किन्नौर के कल्पा, निचार और पूह खंड में अभी भी 42 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हुए हैं। सिरमौर जिले में 200 से अधिक बिजली खंभे टूट गए हैं, जबकि एक दर्जन ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं।
सूबे में सोमवार से फिर मौसम बिगड़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 11 से मध्य और उच्च पर्वतीय इलाकों, जबकि 12 फरवरी से पूरे प्रदेश में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। 16 फरवरी तक मौसम खराब बना रहेगा।

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