दिल्ली के बाद अब यूपी की राजधानी लखनऊ में लोग स्मॉग से परेशान हैं. प्रदूषण ने सोमवार को सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 मानक से लगभग 12 गुना अधिक पहुंच गया. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मॉनीटरिंग में रात नौ बजे तक पीएम 2.5 की मात्र 715.60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड की गई, जो अब तक सबसे ज्यादा है.
लखनऊ में रविवार की रात नौ बजे पीएम 2.5 की मात्रा 315.76 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर थी, लेकिन सोमवार को यह 715.60 माइक्रोग्राम तक पहुंच गई. यह स्थिति कोहरा पड़ने के कारण हुई है. तापमान में गिरावट, वातावरण में नमी व हवा की रफ्तार शून्य होने से स्थिति और खराब हो गई है. प्रदूषित कणों ने कोहरे से मिलकर हवा जहरीली बना दी है. यह बुजुर्गों, बच्चों व सांस के मरीजों के लिए खतरनाक है. सोमवार को सुबह कोहरा पड़ने से प्रदूषण की स्थिति को बहुत की खतरनाक बना दिया। दिन में एक बजे के आसपास पीएम 2.5 की मात्र 715.60 माइक्रोग्राम तक रिकार्ड किया गया था.
लखनऊ में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सड़कों पर छिड़काव कराया जाएगा. इसका प्रस्ताव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निर्माण व विकास कार्य कर रही संस्थाओं को दिया जाएगा. इसे लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक भी बुलाई गई है. उनके सामने भी इस प्रस्ताव को रखा जाएगा. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण कम करने का यह सबसे कारगर उपाय है. सड़कों पर दिन में दो बार छिड़काव हो जाए तो धूल उड़ने नहीं पाएगी और आद्रता बढ़ने पर हवा में घूम रहे कण नीचे जमीन पर आने लगेंगे.
नासा ने जारी की थी स्मॉग की तस्वीर
बता दें, 7 नवंबर को नासा ऑब्जर्वेटरी ने कुछ तस्वीरें जारी की थीं, जिसमें दिल्ली समेत उत्तर भारत और पाकिस्तान में स्मॉग का कहर साफ दिखाई दे रहा है. नासा के मॉडरेट रेजोल्युशन इमेजिंग स्पेक्ट्रोरेडिओ मीटर (MODIS) ने एक्वा सैटेलाइट के जरिए यह तस्वीर खींची है. इस तस्वीर में उत्तर भारत और पाकिस्तान के ऊपर भारी धुंध नजर आ रही है. वहीं, दूसरी तस्वीर एरोसोल ऑप्टिकल डेप्थ यानि की हवा में मौजूद प्रदूषित कण दिखा रही है. जिसके अनुसार दिल्ली, कानपुर, लखनऊ समेत पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में भारी स्मॉग मौजूद है.