विराट कोहली को विंडीज के खिलाफ 5वें वनडे में सता रही होगी यह चिंता,

विराट कोहली को विंडीज के खिलाफ 5वें वनडे में सता रही होगी यह चिंता,

किंगस्टन (जमैका):: विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया जब वेस्टइंडीज दौरे पर पहुंची थी, तो सब मानकर चल रहे थे कि इस बार वह क्लीन स्वीप करके नया इतिहास रचेंगे, क्योंकि विंडीज की धरती पर भारतीय टीम कभी भी ऐसा नहीं कर पाई है. खुद विराट को भी टीम से कुछ ऐसी ही उम्मीद थी. हो भी क्यों न विंडीज की टीम तो इस समय दुनिया की सबसे कमजोर टीमों में से एक जो है, लेकिन सीरीज के चौथे वनडे में सबकुछ पलट गया. अब टीम इंडिया को सीरीज पर कब्जा करने के लिए विंडीज के खिलाफ आज शाम 7.30 से सबीना पार्क, जमैका में खेले जाने वाले पांचवें वनडे में जीत दर्ज करनी ही होगी. अन्यथा विंडीज टीम सीरीज को बराबरी पर खत्म करने में सफल हो जाएगी, जो उसके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी, वहीं टीम इंडिया के लिए यह स्थिति शर्मसार करने वाली होगी. वैसे यदि बारिश से मैच धुल जाए, तो भी टीम इंडिया की इज्जत बच सकती है, क्योंकि वह अभी 2-1 से आगे है.

टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज की धरती पर 7 वनडे सीरीज खेली हैं, जिनमें से 3 में जीत दर्ज की हैं. भारतीय टीम ने सौरव गांगुली (2002), एमएस धोनी (2009) और सुरेश रैना (2011) की कप्तानी में विंडीज में वनडे सीरीज जीती हैं, लेकिन वह क्लीन स्वीप कर पाने में कभी सफल नहीं हुई. इस बार जरूर इसकी उम्मीद थी, लेकिन प्रकृति ने साथ नहीं दिया. जहां तक विंडीज टीम का सवाल है, तो उसने सर विवियन रिचर्ड्स की कप्तानी में भारत को 1989 में वनडे सीरीज में 5-0 से हराते हुए क्लीन स्वीप किया था. उस समय टीम के कप्तान दिलीप वेंगसरकर थे.

यदि टीम इंडिया यह सीरीज जीत जाती है तो विंडीज में यह उसकी वनडे सीरीज में जीत की हैट्रिक होगी. इससे पहले उसने साल 2009 में एमएस धोनी की कप्तानी में 4 मैचों की सीरीज 2-1 से, साल 2011 में सुरेश रैना की कप्तानी में 3-2 से वनडे सीरीज जीती थी.

टीम इंडिया को ICC वनडे रैंकिंग में तीसरा स्थान बनाए रखने के लिए यह सीरीज जीतना जरूरी है. फिलहाल उसके 114 पॉइंट हैं. यदि सीरीज ड्ऱॉ होती है, तो निचली रैंकिंग वाली टीम से सीरीज ड्रॉ होने पर भारत को नुकसान हो सकता है. टीम इंडिया को हारने पर इसका फायदा एक पॉइंट से पीछे चल रही इंग्लैंड टीम को हो सकता है.

वनडे का फुलटाइम कप्तान बनने के बाद विराट की कप्तानी में विदेशी धरती पर टीम इंडिया की यह पहली सीरीज जीत भी होगी. विराट ने अपनी कप्तानी में साल 2013 में जिम्बाब्वे में 5-0 से वनडे सीरीज जीती थी, लेकिन तब वह फुलटाइम कप्तान नहीं थे. फुलटाइम कप्तान बनने के बाद विराट ने पहली वनडे सीरीज पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ भारत में ही खेली थी, जिसमें इंग्लैंड को 2-1 से हराया था.

चौथे वनडे में टीम इंडिया को गैरजिम्‍मेदाराना बल्‍लेबाजी महंगी पड़ी थी और उसको आलोचना का शिकार होना पड़ा था. भारत के लिए अब तक शिखर धवन और अजिंक्य रहाणे की अगुआई वाले शीर्ष क्रम ने अधिकांश रन बनाए हैं और टीम इंडिया चाहेगी कि ये दोनों अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखें. रहाणे सीरीज के चार मैचों में अब तक तीन अर्धशतक और एक शतक जड़ चुके हैं. बल्लेबाजों के शॉट चयन की आलोचना करने वाले कप्तान विराट कोहली अगर मध्य क्रम में बदलाव करते हैं तो किसी को हैरानी नहीं होगी.

हालांकि मेजबान टीम की राह आसान नहीं होगी क्योंकि भारतीय टीम शर्मनाक हार के बाद पलटवार करने को तैयार होगी. घरेलू टीम के सलामी बल्लेबाज एविन लुईस और काइल होप पिछले मैच में अच्छी शुरुआत दिलाने में सफल रहे और भारतीय गेंदबाजों को लगभग 20 ओवर तक सफलता से महरूम रखा. कप्तान जेसन होल्डर की अगुआई वाला गेंदबाजी आक्रमण पिछले मैच से प्रेरणा लेकर एक और जानदार प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा.

भारत: विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत, दिनेश कार्तिक, मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा.

 

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