नई दिल्ली: शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा की सदस्यता रद्द हो सकती है. राज्यसभा के अध्यक्ष के सामने इन दोनों नेताओं के पार्टी विरोधी कामों के कारण नीतीश कुमार ने उनकी सदस्यता को रद कराने का प्रस्ताव रखा था. इस सम्बन्ध में फ़ैसला फ़िलहाल राज्यसभा के सभापति के सामने सुनवाई के बाद सुरक्षित है. लेकिन शुक्रवार को चुनाव आयोग ने नीतीश कुमार को पार्टी अध्यक्ष मानते हुए उन्हें पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘तीर’ रखने का निर्देश दिया.
इस फ़ैसले के बाद निश्चित रूप से शरद गुट को झटका लगा है लेकिन साथ ही नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी के नेताओं को उम्मीद हैं कि अब राज्यसभा सभापति भी अपना फ़ैसला उन्हीं के पक्ष में सुनाएंगे.
चुनाव आयोग ने सुनवाई के बाद माना कि विधायक और संसदीय दल के अलावा जेडीयू के राष्ट्रीय परिषद में नीतीश कुमार का समर्थन और वर्चस्व है. जिसके आधार पर शरद यादव के उस दलील को ख़ारिज कर दिया कि उनका गुट असल जनता दल यूनाइटेड हैं और चुनाव चिन्ह पर उनका अधिकार है.